स्पोर्टस डेस्क। फुटबाल का महाकुंभ इस बार रूस में हो रहा हैं और रूस में ज्यादातर खिलाडी ड्रग्स और डोपिंग के शिकार होते आयें हैं। खेलों में भाग लेने वाले खिलाडीयों को मैच के दौरान नशे का सेवन करने पर पाबंदी हैं इसीलिए इस बार नशे के इस गंदे खेल को रोकने के लिए रूस में वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी पूरी तरह मुस्तैद हो चुकी हैं। इस बार रूस में आयोजित हो रहे इन खेलों में तकरिबन 5 खुफियां एजेंसियों की नजर फुटबाल के उन खिलाडीयों पर रहेगी जो ड्रग्स और डोपिंग की वजह से शक के दायरें में बने हुए हैं। दरअसल फुटबाल के इस महाकुंभ में पहली बार इस तरह की खुफिया एजेंसियों को शामिल किया जा रहा हैं। सूत्रों के अनुसार रूस एक ऐसा देश हैं जो खेलों के मामले में ड्रग्स और डोपिंग की वजह से सुर्खियों में बना रहता हैं। इन खेलों में एहतियात के तौर पर वर्ल्ड कप के क्वालीफायर मुकाबले से पहले ही 5432 खिलाडि़यों के नमूने लिए जा चुके हैं।
किस तरह होगी जांच
फुटबाल के इस महाकुंभ में डोपिंग और ड्रग्स को रोकने के लिए अत्याधुनिक तरीके से जांच की जा रही हैं। इस बार इन खेलों में बायो मार्कर परीक्षण से खिलाडीयों की जांच की जा रही हैं। इस परिक्षण से सिंथेटिक एचजीएस और ह्यूमेन ग्रोथ हार्मोन में अंतर खोजा जायेगा। अगर इस परिक्षण में कोई खिलाडी पकडा जाता हैं तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। फुटबाल के खेलों में कई खिलाडी ड्रग्स और डोपिंग की वजह से फंस चुके हैं और बावजुद इसके अभी भी कई खिलाडीयों की भूमिका नशे के सेवन में संधिग्ध बताई जा रही हैं। नशे की लत रखने वाले इन खिलाडियों की वजह से खेल पर गलत प्रभाव पडता हैं और खेल की भावना आहत होती हैं।
ये खिलाडी हो चुके हैं डोपिंग और ड्रग्स के शिकार:
डिएगो माराडोना (अर्जेंटीना):
अर्जेंटीना का यह दिग्गज खिलाडी अब तक दो बार ड्रग्स लेने के मामले में पकडा जा चुका हैं। इस खिलाडी का नाम सामने आते ही फुटबाल खिलाडीयों और दर्शकों में हडकंप मच गया था। इस खिलाडी पर दोनो बार प्रतिबंध लगाया गया था। वर्ष 1991 मे 15 महिने का बैन लगने के बावजूद 1994 वर्ल्ड के दौरान ये खिलाडी फिर से पकडा गया जिस पर दोबार प्रतिबंध लगा।
जेराड किनसेला (इंग्लैंड):
जेराड किनसेला इंग्लैंड के सबसे दिग्गज खिलाडीयों में शुमार हैं। ये खिलाडी वर्ष 2013 में ड्रग्स के सेवन में दोषी पाया गया। इस खिलाडी की जांच में इनके खून में एननाबोलिक स्टेरायड की मात्रा पाई गई। इस मामले में इनके खिलाफ कडी कार्रवाई हुई और इन पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया।
एड्रियन मुतु (रोमानिया):
एड्रियन मुतु को रोमानिया का धाकड खिलाडी माना जाता हैं। इस मामले की जांच में पता चला हैं कि ये जो दवा पी रहें हैं वो ताकत बढाने की दवा हैं। वर्ष 2013 में इस खिलाडी के दोषी पाये जाने पर इन पर भारी जुर्माने के साथ सात माह का प्रतिबंध लगा।
एडगर डेविड्स (हॉलैंड):
हॉलैंड के एडगर डेविड्स के लाखो की तादाद में फैंस हैं। ये एक स्टाइलिश खिलाडी हैं। वर्ष 2001 में ये प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने के दोषी पाये गयें और इन पर 16 माह का बैन लगा।
जर्मेनी ह्यू (जमैका):
जर्मेनी ह्यू जमैका को फुटबाल के दिग्गज खिलाडीयों में गिना जाता हैं। वर्ष 2014 में ये खिलाडी प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाया गया जिसके बाद इन पर कुल नौ महिने का बैन लगाया गया।
फुटबाल के खेल में इन खिलाडीयों के अलावा भी नशे का सेवन करने वाले कई ऐसे खिलाडीयों के नाम शामिल हैं जिनके बारें में सुनकर विश्वास करना नामुमकिन हैं। इन सभी खिलाडियों पर जुर्माना और प्रतिबंध लग चुका हैं मगर आज भी इस खेल पर डोपिंग का साया मंडरा रहा हैं।
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