तलवारबाजी में अपना परचम लहराने वाली भारतीय तलवारबाज भवानी देवी ने बताया है कि एक इवेंट के दौरान राहुल द्रविड़ ने एक सफल स्पोर्ट्स स्टार बनने के बारे में काफी कुछ बताया था. चेन्नई के मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी भवानी ने फेंसिंग में अपना नाम कमाया है और आज वह देश की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं.
2015 में मिली थीं द्रविड़ से
भवानी 2015 में उन 15 टॉप एथलीट्स में शामिल हुईं थीं. जिन्हें राहुल द्रविड़ एथलीट मेंटोरशिप प्रोग्राम के लिए चुना गया था. जहां द्रविड़ ने स्पोर्ट्स से जुडी कई बातें साझा की थीं.

भवानी तीन साल पहले हुए उस इवेंट को याद करते हुए बताती हैं कि ”वह बहुत ही धैर्यवान हैं. उन्होंने पहले हमें सुना इसके बाद बताया. उन्होंने हमें काफी सहज महसूस कराया. मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं वह एक जमीनी स्तर से जुड़े हुए व्यक्तित्व हैं. उन्होंने एक सफल सपोर्ट स्टार बनने के बारे में काफी कुछ सिखाया.”

पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के एक शानदार बल्लेबाज रहे हैं. मौजूदा समय में वह भारतीय जूनियर टीम के कोच हैं. द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट और 344 वनडे मैच खेले हैं. वह बल्लेबाजी में भारतीय टीम की दीवार के रूप में जाने गए.

वहीं भवानी ने भारत को फेंसिंग में कई मैडल दिलाए हैं. सन 2008 में कोरिया में सीनियर एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भवानी के पास पैसे नहीं थे.
उस समय मुख्यमंत्री जयललिता ने खुद बुलाकर एक चेक भेंट किया था. इसके बाद आज तक भवानी ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. तब से लेकर अब तक वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 12 से अधिक मेडल अपनी झोली में डाल चुकी हैं.
फेंसिंग एक बहुत महंगा खेल है. इसमें इस्तेमाल होने वाली खेल सामग्री और कोचिंग का खर्च सालाना लाखों रुपये है. जिसका वहन करना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं है. अपने करियर के शुरुआत में वह डंडियों से प्रैक्टिस किया करती थीं.
The post भारत के लिए 12 मेडल जीत चुकी भवानी देवी ने बताया कैसे राहुल द्रविड़ ने लिखी उनके कामयाबी की कहानी appeared first on SportzWiki Hindi.