खेल डेस्क। आज से ठीक 16 साल पहले मोहम्मद कैफ ने नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेल भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी।
यह कैफ के करियर के सर्वश्रेष्ठ दिनों में से एक है। इसी दिन उन्होंने अपने क्रिकेटर जीवन का सबसे बड़ा फैसला किया है। टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में शामिल रहे मोहम्मद कैफ ने आज सभी तरह के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
भारतीय टीम की ओर से लम्बे समय तक खेलने का मौका नहीं मिलने के बाद हिन्दी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में करियर की दूसरी पारी शुरू कर चुके कैफ ने अपनी राष्ट्रीय टीम की ओर से 13 टेस्ट, 125 एकदिवसीय मैच खेले थे।
कैफ ने बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना और कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को ईमेल भेजकर अपने संन्यास की जानकारी दी। उन्होंने ईमेल द्वारा भेजे गए संदेश में लिखा कि मैं आज सभी तरह के प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।
टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में से एक रहे कैफ विश्व कप 2003 में फाइनल पहुंचने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। वह युवराज सिंह के साथ वह अंडर- 19 क्रिकेट भी खेल चुके हैं। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाले कैफ ने आखिरी प्रथम श्रेणी मैच छत्तीसगढ़ की ओर से खेला था। जबकि वह उत्तरप्रदेश की ओर रणजी मैच खेलते थे।
गौरतलब है कि सौरव गांगुली की अगुवाई में भारतीय टीम ने 2002 में नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में शानदार जीत हासिल की थी। खिताबी मुकाबले में कैफ ने युवराज सिंह के साथ मिलकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाई थी।
खिताबी मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने पहले खेलते हुए टे्रस्कोथिक और नासिर हुसैन की शतकीय पारियों के दम पर 325 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में भारत ने मोहम्मद कैफ की नाबाद 87 और युवराज सिंह की 69 रन की पारी की मदद से आठ विकेट पर 326 रन बनाकर जीत हासिल की।