भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई बेहतरीन खिलाड़ी हुए हैं। भारतीय क्रिकेट के इन बेहतरीन खिलाड़ियों में से कई खिलाड़ियों ने तो भारतीय टीम में जगह बनाने के साथ खास नाम किया, लेकिन कुछ ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी रहे जो भारतीय टीम के लिए ज्यादा नहीं खेल सके।
आपको हम आज बताते हैं वो पांच खिलाड़ी जो अपनी जबरदस्त प्रतिभा के बाद भी भारत का प्रतिनिधित्व कुछ ही मैचों कर सके।

विनोद कांबली
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की सूची ने मुंबई के विनोद कांबली को कभी बाहर नहीं किया जा सकता है। भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर की तरह ही अपने करियर के शुरूआती दौर में विनोद कांबली ने दम दिखाया।
कांबली ने भारत के लिए केवल 17 टेस्ट मैचों में ही 54 की औसत से 1084 रन बना डाले थे लेकिन अपने करियर में विवादो का साया पड़ने के बाद विनोद कांबली पूरी तरह से गुम हो गए। और भारतीय क्रिकेट का एक जबरदस्त हुनरमंद खिलाड़ी खत्म हो गया।

वसीम जाफर
भारतीय घरेलु क्रिकेट में अगर कोई सचिन तेंदुलकर की तरह कद रखता है तो वो हैं मुंबई के ही वसीम जाफर। भारतीय घरेलु क्रिकेट के सबसे कामयाब बल्लेबाज वसीम जाफर रहे।
उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 18 हजार रन अपने नाम किए। लेकिन वसीम जाफर भारतीय टीम के लिए 31 टेस्ट और 2 वनडे मैचों में ही प्रतिनिधित्व कर सके।
वसीम जाफर का प्रथम श्रेणी करियर अभी भी जारी है और साथ ही उनका कमाल भी जारी है। लेकिन भारत से वो ज्यादा मैचों का हिस्सा नहीं हो सके।

सुब्रमण्यम बद्रीनाथ
तमिलनाडू के बहुत ही टेलेंटेड खिलाड़ी रहे बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ भी एक बहुत ही मंझे हुए खिलाड़ी रहे हैं। बद्रीनाथ ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम में जगत तो बनायी, लेकिन लंबे समय तक इस जगह को स्थायी नहीं रख सके।
बद्रीनाथ को वीवीएस लक्ष्मण का रिप्लेसमेंट माना जा रहा था, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट को बद्रीनाथ का जादू नजर नहीं आया।
डोमेस्टिक क्रिकेट में यादगार प्रदर्शन करने वाले बद्रीनाथ भारत के लिए 2 टेस्ट 7 वनडे और 1 टी-20 मैच ही खेल सके।

मोहम्मद कैफ
भारतीय क्रिकेट इतिहास में सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में से एक मोहम्मद कैफ को माना जाता था। उत्तर प्रदेश के पूर्व रणजी कप्तान मोहम्मद कैफ ने भारतीय टीम के लिए वनडे क्रिकेट में तो कुछ खेलने में कामयाब रहे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट करियर को कैफ भारत के लिए लंबा नहीं खींच सके।
कैफ घरेलु क्रिकेट के एक बहुत ही शानदार बल्लेबाज रहे लेकिन भारत के लिए वो 127 वनडे मैच के साथ केवल 13 टेस्ट मैच ही खेल सके।

विजय मर्चेंट
भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े घरेलु क्रिकेटर के रूप में विजय मर्चेंट को माना जाता है। विजय मर्चेंट का घरेलु क्रिकेट का औसत सर डॉन ब्रेनमैन से कम नहीं है।
विजय मर्चेंट ने घरेलु क्रिकेट में 71.64 की औसत से रन बनाए लेकिन ये शानदार खिलाड़ी अपने देश के लिए ज्यादा मैचनहीं खेल सका।
विजय मर्चेंट ने भारत के लिए केवल 10 टेस्ट मैच खेल सके। इस दौरान भी उन्होंने घरेलु क्रिकेट की फॉर्म दिखायी और 47.72 की औसत से रन बनाए।
मजेदार बात तो ये रही कि मर्चेंट ने अपने आखिरी इंटरनेशनल करियर की पारी में इंग्लैंड के खिलाफ 154 रन बनाए और उसके बाद उनका करियर चोट से खत्म हो गया।

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