बॉलीवुड डेस्क। बॉलीवुड की दुनियां में अपनी बेहतरीन अदाकारी के बूते बडे-बडे दिग्गज कलाकारों को मात देने वाले संजीव कुमार का आज जन्मदिन हैं। फिल्म इंडस्ट्री में अपने जमाने के मंझे हुए कलाकार अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, शम्मी कपूर, धर्मेन्द्र और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज अभिनेताओं के होते हुए संजीव कुमार ने लाखों दिलों पर अपनी एक्टिंग का जादू चलाया और फिल्म इंडस्ट्री को एक सशक्त अभिनय वाले कलाकार के रूप में विभिन्न किरदारों से रूबरू करवाया। आज हम आपको बॉलीवुड के इस बेमिसाल अभिनेता की जिंदगानी से जूडे कुछ दिलचस्प बातों से रूबरू करवायेंगें।
निजी जीवन:
फिल्म इंडस्ट्री में पूरे 4 दशकों तक अपनी एक्टिंग का जादू चलाने वाले संजीव कुमार का असल नाम हरीभाई जरीवाला हैं। संजीव कुमार का जन्म एक गुजराती परिवार में 9 जुलाई 1938 को हुआ था। उन्होनेंफिल्मी पर्दे पर अपने करियर की शुरूआत वर्ष 1960 में ;;हम हिंदूस्तानी फिल्म से की थी। इस फिल्म में इन्होनें महज 2 मिनट का किरदार निभाया था। संजीव कुमार ने अपने करियर में कई फिल्मों में काम किया और अपने जमाने के दिग्गज अभिनेताओं को टक्कर देते रहें। इन्होंने 4 दशकों तक कई बडी फिल्मों में काम किया जिनमें फिल्म शोले में निभाया गया ठाकुर का किरदार इनकी एक अलग पहचान बन गया। फिल्मी दुनियां में सफलता के सभी मंजीलों को छूने के बाद संजीव कुमार ने 6 नवम्बर 1985 को दूनियां को अलविदा कह दिया।
फिल्मी सफर:
सूरत मे जन्में संजीव कुमार ने थियेटर की दूनियां मे बडा नाम कमाया था। ये ऐसे एक्टर थे जिन्होंने संघर्ष के दिनों में छोटे-छोटे किरदार निभाकर अपनी पहचान को मजबूत किया और फिल्म इंडस्ट्री के रोमांटिक हिरों के रूम में मशहूर हुए। संजीव कुमार ने फिल्म ;;हम हिंदूस्तानी में महज 2 मिनट का किरदार निभाया जिसके बाद वर्ष 1962 में फिल्म आरती में काम किया जोंकि बी-ग्रेड फिल्म थी। इस फिल्म के बाद उनके करियर ने रफ़्तार पकडनी शुरू की और वे अपनी सदी के महानायको में शामिल हुए। इसके बाद संजीव कुमार ने फिल्म निशान में अपनी अच्छी अदाकारी का मुजायरा किया। वर्ष 1965 के बाद फिल्मी दुनियां का ये बेहतरीन अभिनेता अपनी पहचान को बनाने में कामयाब हुआ और इनको बडे किरदार मिलने शुरू हुए। वर्ष 1968 में बनी फिल्म शिकार में संजीव कुमार के किरदार को काफी सराहा गया, हालांकि इस फिल्म में बतौर मुख्य अभिनेता धमेन्द्र ने काम किया था मगर संजीव ने पुलिस इंस्पेक्टर के किरदार में अपनी जगह बना ली थी। इस फिल्म के बाद संघर्ष (1968), खिलौना (1970), दस्तक (1970), कोशिश (1972) और शोले (1975) के किरदारों ने फिल्मी पर्दे पर खूब वाहवाही लूटी। इन फिल्मों के अलावा संजीव कुमार ने फिल्म ;;नया दिन नई रात में 9 अलग-अलग किरदार निभायें थें जो दर्शकों के दिलों में घर कर गयें। इन फिल्मों के बाद संजय कुमार ने रोमांटिक हिरों की अपनी एक अलग पहचान बनाई जो काफी पसंद की जाने लगी। इन्होनें वर्ष 1983 तक अनेकों फिल्मों में काम किया और इन्हें कई बडे-बडे अवार्डस से नवाजा गया।
ये अवार्डस हैं संजीव के नाम:
फिल्मी पर्दे पर चुनौतियों को स्वीकार करने वाले इस अभिनेता ने अनेक किरदारों को निभाया और इन सब किरदारों के लिए इन्होंने कई विभिन्न खिताब और पुरस्कार अपने नाम कियें। इन्होंने फिल्म शिकार के लिए बतौर सहायक अभिनेता का फ़िल्मफेयर अवार्ड अपने नाम किया। ये इनका पहला अवार्ड था। इस फिल्म के बाद वर्ष 1973 में फिल्म कोशिश के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बाद फिल्म आंधी के लिए इन्होनें फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। ये फिल्म उन दिनों काफी विवादीत भी रही थी। फिल्म दस्तक में संजीव कुमार ने एक बार फिर नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया। संजीव ने कई फिल्मों में अपने छोटे-छोटे किरदार भी निभायें जों आज भी पसंद किये जाते हैं।
इन अभिनेत्रियों से रहे अफेयर:
फिल्म कलाकार संजीव कुमार ने बॉलीवुड में अपनी पहचान एक रोमांटिक हिरों के रूप में बनाई। फिल्मी जीवन के अलावा बात अगर इनके निजी जीवन की करे तो उसमें भी ये काफी रोमांटिक इंसान थें। संजीव कुमार का नाम अनेक अभिनेत्रियों से जोडा गया मगर इन्होंने कभी इन अभिनेत्रियों से शादी नही की बल्कि ये आजीवन कुँवारे रहे। संजीव कुमार ने अपने फिल्मी करियर में अनेक अभिनेत्रियों के साथ काम किया और इनके साथ प्यार भी कर बैठें। खबरों के अनुसार ये रोमांटिक हिरो ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी को अपना दिल दे बेठा और उनसे शादी भी करना चाहता था मगर ड्रीमगर्ल की मां ने उनके ड्रीमस को पूरा ना होने दिया और हेमा की शादी धमेन्द्र से कर दी। इसके बाद संजीव कुमार की नजर सुलक्षणा पर पडी और दोनो एक-दूसरे को पसंद करने लगे। सुलक्षणा संजीव कुमार से शादी करना चाहती थी मगर इस बार संजीव ने इस रिश्ते को शादी का नाम देने से मना कर दिया। इसके बाद भी संजीव का नाम कई अभिनेतत्रियों से जोडा गया मगर संजीव ने कभी इनसे शादी नही की और आजीवन कुंवारें रहें।
आखिर क्यों नही की शादी:
संजीव कुमार एक ऐसे रोमांटिक हिरों थे जिन पर उनके जमाने की सैकडों लडकीयां मरती थी। इनका नाम अनेक अभिनेत्रियों के साथ जोडा गया हैं मगर ये हमेशा कुंवारें या अविवाहित ही रहें। संजीव कुमार की शादी ना करने की वजह की बात करें तो संजीव एक अजीब से डर के चलते कभी शादी नही करना चाहते थें। एक बार इन्होनें अपने प्यार को पाने के लिए हेमा मालिनी की मां से शादी की बात भी की थी मगर ये शादी संभव ना हों सकी। दरअसल संजीव कुमार अपने प्यार में नाकामी की वजह से नही बल्कि मौत के डर से शादी नही करना चाहते थें। दरअसल संजीव एक अंधविश्वास के शिकार हो चुके थें। संजीव कुमार का मानना था की अगर वो शादी करते हैं तो पुत्र के पैदा होने के महज 10 वर्ष बाद उनकी मौत हो जायेगी।
गौरतलब हैं की संजीव के परिवार में उनके दादा, पिता और भाई की मौत ठीक इसी तरह हुई थी। संजीव ने अपने भाई की मौत के बाद उनके बेटे को गोद ले लिया था क्योंकि उनके भाई की मौत उस समय हुई जब उनका बेटा 10 साल का था। अपने फिल्मी सफर के दौरान अनेक फिल्मों में काम करने वाले संजीव कुमार 47 वर्ष की उम्र में दुनियां को अलविदा कह गये। संजीव की मौत वर्ष 1984 में हार्ट अटैक से हुई थी। फिल्मी पर्दे पर अपने अलग-अलग किरदारों को निभाने वाले संजीव कुमार अपनी जिंदगी में हमेशा अकेलापन महसूस करते रहें मगर लाखों चाहने वाले दर्शकों का प्यार हमेशा उनके साथ रहा।
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