स्पोर्ट्स डेस्क:भारतीय महिला हॉकी टीम इस विश्व कप से पहले इस के फाइनल तक जाने के दावे गलत साबित होते नजर आ रहे हैं। भारतीय टीम इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में ही की इस विश्व कप की दौड़ से बाहर होने का खतरा मंडराने लग गया है। इस विश्व कप के पहले मैच में भारत का इंग्लैंड मैच 1-1 से बराबर हो गया था। लेकिन दूसरे मैच में भारतीय टीम को आयरलैंड के हाथों मिली हार के बाद भारत का इस विश्व कप से बाहर होने के ज्यादा चांस बन गए है। अगर भारतीय टीम को इस विश्व कप में बने रहना है तो भारत को अंतिम मैच को जीतना ही होगा।
इस विश्व कप में भारतीय ग्रुप बी में शामिल है और नॉकआउट दौर में पहुंचने के लिए इस विश्व कप के अंतिम मैच जो 29 जुलाई को अमेरिका के खिलाफ खेलेगी,उस मैच को भारत को जीतन ही होगा। कल के मैच में आयरलैंड के लिए मैच का एकमात्र गोल 13 वें मिनट में अन्ना ओफ्लेनागान ने पेनल्टी कार्नर के माध्यम से प्राप्त किया था। आयरलैंड ने लगातार दो मैच जीतकर इस विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। आयरलैंड ने अपने पहले मैच में अमेरिका को 3-1 से हराया था। इस मैच से पहले भारत को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।
हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम आठ साल बाद इसमें भाग ले रही है। अगर महिला टीम अच्छा खेलती है तो इस विश्व कप में भारत फाइनल तक जा सकता है। आयरलैंड की इस विश्व कप में दो मैच जीतकर छह अंकों के साथ पूल-बी में पहले स्थान पर पहुंच गई। इस ग्रुप में इंग्लैंड टीम दूसरे और भारत तीसरे स्थान पर है। जबकि अमेरिका एक अंक के साथ चौथे स्थान पर हैं। इस विश्व कप में शामिल कई खिलाड़ियों के पास 100 से ज्यादा मैच खेलेन का अनुभव है। लेकिन अभी तक इन खिलाड़ियों ने अपने नाम के अनुसार प्रर्दशन नहीं किया है।
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