लाइफस्टाइल डेस्क। बढ़ती उम्र के साथ-साथ कई बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता हैं। ऐसी ही एक समस्या हैं याददाश्त का कमजोर होना, यह मस्तिष्क से जुडी समस्या हैं। जन्म से ही हमारा मस्तिष्क लगातार काम कर रहा हैं। हमारा शरीर आराम करता हैं तब भी मस्तिष्क सक्रीय रहता हैं, जैसे सोते समय सपने आना। हर घडी हमारा मस्तिष्क सक्रीय रहता हैं। आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हर इंसान को कई समस्याएं रहती हैं जोकि मस्तिष्क पर गहरा असर डालती हैं। मस्तिष्क पर दबाव पड़ने से याददाश्त का कमजोर होना आम बात हैं।
याददाश्त के कमजोर होने से कभी-कभी आप किसी चीज को रख कर भूल जाते हैं या फिर उस चीज को ढूंढने के लिए यहां-वहां घूमते हैं। आपको क्या करना हैं या क्या किया हैं ये भी याद नहीं रहता हैं। याददाश्त का कमजोर होना एक गंभीर समस्या हैं जो धीरे-धीरे बढ़ जाती हैं। आज हम आपको कुछ तरीके बताएंगे जिनसे मस्तिष्क की शक्ति बढ़ेगी और याददाश्त भी तेज होगी।
- मानव इंसुलिन साइंस में फ्रंटियर जर्नल के एक शोध में बताया गया हैं कि ध्यान आपकी दिमागी शक्ति बढ़ाने में मदद करता हैं। ध्यान करने से तनाव कम होता हैं, स्मरण और ध्यान केंद्रित करने की शक्ति बढ़ती हैं। कसरत करने से दर्द सहने की क्षमता बढ़ती हैं।
- नींद पूरी न होने से दिमाग पर असर पड़ता हैं और याददाश्त कमजोर होने का कारण भी बनती हैं। याददाश्त को तेज रखना हैं तो नींद पूरी लें।
- चिंता करने से शरीर में कोर्टिसोल नाम के हार्मोन का निर्माण होता हैं जोकि याददाश्त पर असर डालता हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए चिंता मुक्त रहें।
- हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करें। एक शोध में बताया गया हैं कि सरल कामों की बजाय डिजिटल फोटोग्राफी, ड्राइविंग, संगीत सीखने जैसे काम करने से दिमाग की क्षमता बढ़ती हैं।
- अपने खानपान का विशेष ध्यान रखें। हलका भोजन करें और हरी सब्जियां खाये। ज्यादा से ज्यादा पानी पियें। अगर आप शाकाहारी भोजन लेते हैं तो मछली और मछली के तेल से बनी चीजों का सेवन करें।
- थियेनाइन एक ऐमिनो अम्ल हैं जो ग्रीन टी की पत्तियों में पाया जाता हैं। यह अम्ल तनाव बढ़ाने वाले कारकों को निष्क्रिय करता हैं। ग्रीन टी में कैफीन होता है जो आपको दिनभर चुस्त और फुर्तीला बनाये रखने में मदद करता हैं।
Herald