इंटरनेट डेस्क। जम्मू कश्मीर में तीन साल से चल रही महबूबा सरकार को हाल ही में एक बहुत बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है की जम्मू कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी गठबंधन टूट गया था। गठबंधन टूटने के साथ ही जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। कहा जाता है की सरकार जम्मू कश्मीर में बीजेपी के साथ मिलकर तीन साल से अपना कार्य कर रही थी। भाजपा नेता राम माधव का कहना है की उन्होने पीडीपी के साथ गठबंधन जिन उद्देश्यों को लेकर किया था वह सरकार द्वारा पूरे नहीं किये गए है। इसके साथ ही अब जम्मू कश्मीर में नई सरकार बनने की खबरें सुर्खियों में बनी हुई है। अनुमान लगाये जा रहें है की जल्द ही पीडीपी और कांग्रेस मिलकर जम्मू कश्मीर में अपनी सरकार बना सकती है।
लेकिन बताया जा रहा है की इस बात से कांग्रेस साफ इतन्कार कर रही है। कांग्रेस का कहना है की वह किसी सूरत में पीडीपी के साथ गठबंधन कर जम्मू कश्मीर में अपनी सरकार नही बनायेगी। कांग्रेस के राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा के समर्थन वापस लेने से सत्ता से बाहर हुई पीडीपी के साथ किसी तरह के गठबंधन का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। आजाद ने कहा, ''पीडीपी के साथ न अभी और न भविष्य में किसी गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं है।उन्होंने पीडीपी के किसी नेता से मिलने से भी इनकार किया।
हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर सोमवार को जम्मू-कश्मीर से जुड़े कांग्रेस के कोर ग्रुप की बैठक हुई। इसमें राज्य के राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई। इस कोर ग्रुप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पी चिदंबरम, कांग्रेस की महासचिव एवं राज्य प्रभारी अंबिका सोनी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर मौजूद थे। साथ ही कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने की बात कर रही है। उनका कहना है की जम्मू-कश्मीर में जल्द ही चुनाव होने चाइये।
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