नई दिल्ली। भारत के उभरते हुए बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने रविवार को अपने प्रतिद्वंद्वी को फाइनल मुकाबले में 46 मिनट के भीतर हराकर बैडमिंटन एशिया जूनियर चैम्पियनशिप का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लक्ष्य की इस उपलब्धि के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने रविवार को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि की घोषणा की है।

पहले गेम की शुरुआत दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी से हुई। दोनों एक समय पर 9-9 से बराबरी पर थे। इसके बाद, लक्ष्य ने आगे बढ़ते हुए वितिदसार्न के खिलाफ 13-11 से बढ़त हासिल की। अपने प्रतिद्वंद्वी को मौका न देते हुए अंत में भारतीय खिलाड़ी ने केवल दो अंकों के अंतर से पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में भी लक्ष्य और वितिदसार्न के बीच बराबरी की टक्कर देखी गई। यहां लक्ष्य को अच्छी बढ़त नहीं बना पा रहे थे। वह 11-10 से आगे थे। यहां थाईलैंड के खिलाड़ी की ओर से नेट पर कई गई गलतियों का फायदा लक्ष्य ने उठाया और दूसरे गेम में 21-18 से जीत हासिल करने के साथ सोना अपने नाम किया।
लक्ष्य एशिया जूनियर चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले इस चैम्पियनशिप में 1965 में गौतम ठक्कर और 2012 में पी.वी. सिंधु ने सोना जीता था।
पदक समारोह के बाद एक बयान में लक्ष्य ने कहा, “दूसरी सीड के चीनी खिलाड़ी के खिलाफ मिली जीत से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। इसी आत्मविश्वास के साथ मैं फाइनल मैच में उतरा और अपना सामान्य खेल खेला। हम दोनों का सामना पहली बार हो रहा था और इसी कारण मैंने यह मैच बिना किसी दबाव के खेला।”
बीएआई के अध्यक्ष हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “लक्ष्य ने देश को गौरवांन्वित किया है। हम युवाओं पर निवेश कर रहे हैं और हम ऐसे उभरते खिलाड़ियों को देखकर खुश हैं।”
बीएआई के महासचिव अजय.के सिंघानिया ने कहा, “बीएआई के परिवार और अधिकारियों के लिए यह पल बेहद बड़ा है। एशिया में पदक जीतना हमेशा से अच्छा रहा है। हमें इस किशोर खिलाड़ी पर गर्व है।”
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