खेल डेस्क। भारत के सबसे सफल कप्तानों में शूमार सौरव गांगुली आज 46 साल के हो गए हैं। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज का जन्म आज ही के दिन यानी 8 जुलाई, 1972 को कोलकाता, बंगाल में हुआ था। आइए, आज हम आपकों उनके क्रिकेट करियर से जुड़ी कुछ रोचक बातों की जानकारी देते हैं।
प्रिंस ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने 2003 के विश्व कप फाइनल में जगह बनाई थी। खिताबी मुकाबले में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।
भारत की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में सौरव गांगुली का नाम दूसरे स्थान पर है। उन्होंने अपने वनडे करियर के 311 मैचों में 11,363 रन बनाए हैं। वनडे में भारतीय टीम ओर से सबसे ज्यादा रन सचिन तेंदुलकर (18426) के नाम हैं। जबकि इस सूची में तीसरे स्थान पर द वॉल राहुल द्रविड़ (10768) का नाम आता है।
गांगुली ने अपने वनडे करियर की सबसे बड़ी पारी 1999 में इंग्लैंड में खेले गए वनडे विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ खेली थी। इस मैच में उन्होंने 183 रन की पारी में केवल 158 गेंदों का सामना किया था। इस दौरान उन्होंने 17 चौके और सात छक्के लगाए थे।
इस मैच में उन्होंने राहुल द्रविड़ (145) के साथ दूसरे विकेट के लिए 318 रन की साझेदारी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यह उस समय किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी थी। इस साझेदारी रिकॉर्ड को सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने इसी वर्ष न्यूजीलैंड के खिलाफ 331 रन की साझेदारी कर तोड़ा था। बाद में इस रिकॉर्ड को वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और सैमुअल्स ने 378 रन की साझेदारी कर तोड़ा।
गांगुली ने अपने टेस्ट करियर का शानदार आगाज करते हुए पहले ही मैच में शतक लगाया था। 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस टेस्ट मैच में उन्होंने 301 गेंदों का सामना करते हुए 20 चौकों की मदद से 131 रन बनाए थे।
गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 49 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें से 21 में भारत जीता था जबकि उसे 13 में हार का सामना करना पड़ा। 15 मैच ड्रॉ रहे।