खेल डेस्क। भारतीय महिला हॉकी टीम आठ वर्षों बाद विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट में शनिवार को पहला मैच खेलेगी। जब भारतीय टीम विश्व की दूसरे नंबर की टीम और ओलम्पिक चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो उसका लक्ष्य विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत करने का होगा।
एफआईएच विश्व कप में भारतीय महिला टीम अन्तिम बार 2010 में अर्जेंटीना में खेली थी। रानी ने उसमें सात गोल करके लोकप्रियता हासिल की थी। एफआईएच विश्व कप में रानी की अगुवाई वाली भारतीय टीम का लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का होगा। इससे पहले भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 के विश्व कप में चौथा स्थान रहा है।
विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के ग्रुप बी में है। इसमें भारतीय टीम के साथ ही इंग्लैंड, अमेरिका और आयरलैंड शामिल है।
भारतीय टीम विश्व कप में सातवीं बार खेलेगी। इससे पहले भारतीय टीम ने छह बार विश्व कप में हिस्सा लेते हुए नौ मैच जीते थे। जबकि 27 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। उसने तीन ड्रॉ खेले हैं। भारत ने इन नौ मैचों में 48 गोल किए।
भारतीय टीम की ओर से अभी तक रानी और दीपिका ही विश्व कप में खेल सकी है। जबकि अन्य खिलाड़ी पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। वैसे इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम को दावेदार के रूप में नहीं माना जा रहा है, लेकिन वह विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर एशियाई खेलों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत कर सकती है।
एशियाई खेलों में स्वर्णिम सफलता भारतीय टीम को सीधे टोक्यो ओलपिंक में जगह दिला सकती है। भारतीय टीम को अपने पहले ही मैच में इंग्लैंड को शिकस्त देने के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करना होगा तभी वह विरोधी टीम की चुनौती से पार पाने में कामयाब हो सकेगी। भारतीय महिला टीम अपने पूल में दूसरा मैच 26 जुलाई को आयरलैंड से और 29 जुलाई को अमेरिका से तीसरा मैच खेलेगी।