विधि आयोग ने क्रिकेट सहित अन्य खेलों में सट्टेबाजी को वैध बनाने की सिफारिश की है. साथ ही सट्टे पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर लगाने की अनुशंसा की है. आयोग ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई)आकर्षित करने के स्रोत के रूप में भी इसका इस्तेमाल करने की राय दी है.

ला कमीशन ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि भारत में जुएँ और सट्टेबाजी के लिए कानून बना देना चाहिए, संसद में विचार विमर्श कर कानून बनाने पर ध्यान देना चाहिए . गुरुवार को आयोग ने सिफारिश की कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों में गैमब्लिंग और सट्टेबाजी की इजाजत दी जाए. इसके साथ ही आयोग ने मैच फिक्सिंग और खेलों में होने वाले घोटाले को आपराध की श्रेणी में रखने की भी सिफारिश की.
पूरी तरह नहीं रोक सकते सट्टेबाजी
लॉ कमिशन ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंपी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सट्टेबाजी और जुए जैसी गतिविधियों को पूरी तरह से खत्म या रोका नहीं जा सकता है, इसलिए इसे नियंत्रित रूप से चलाना एक बेहतर विकल्प है.

इसके साथ ही आयोग का कहना है कि नियमित तरीके से इनका क्रियानवयन करके हम विदेशी निवेश को भी आकर्षित कर सकते हैं।
आयोग की रिपोर्ट ‘लीगल फ्रेमवर्
गैंबलिंग एंड स्पोर्ट्स बेटिंग इनक्लूडिंग क्रिकेट इन इंडिया’ में सट्टेबाजी के नियमन के लिए और इससे कर राजस्व अर्जित करने के लिए कानून में कुछ संशोधनों की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है , संसद सट्टेबाजी के नियमन के लिए एक आदर्श कानून बना सकती है और इसे पुरे भारत में वैध कर देना चाहिए.
संसद संविधान के अनुच्छेद 249 या 252 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधेयक बना सकती है. यदि अनुच्छेद 252 के तहत विधेयक पारित किया जाता है, तो सहमति वाले राज्यों के अलावा अन्य राज्य इसे अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगे.

आयोग ने सट्टेबाजी या जुए में शामिल किसी व्यक्ति का आधार या पैन कार्ड भी लिंक करने की और काले धन का इस्तेमाल रोकने के लिए नकदी रहित लेन-देन करने की भी सिफारिश की.
अभी हाल में ही अरबाज खान सट्टेबाजी के जुर्म में गिरफ्तार किए गए है, यह अपराध भारत में खूब किया जाता है. लेकिन आज तक सरकार ने इस ओर नहीं सोचा कि इस जुर्म को वैध बनाकर इसे जुर्म से हटा दिया जाए.
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