ऑफबीट डेस्क। अगर आपके अंदर मेहनत करने की ललक और जज्बा हैं तो आप किसी भी लक्ष्य को पा सकते हैं। चाहे आपके सामने कितनी ही समस्याएं आये आप उन्हें पार करते हुए लक्ष्य तक पहुंच ही जातें हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही एक मेहनत और कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले युवा का वाकया बताएंगे। इस युवा ने अपनी समस्याओं को लक्ष्य के आड़े नहीं आने दिया तब जाकर आज इस मुकाम तक पहुंचा हैं। कई लोगों की फितरत होती हैं कि वह अपनी उलझनों में इतना जकड़ा रहता हैं कि उसे अपने जीवन या अपने लक्ष्य के बारें में सोचने का अवसर ही नहीं मिलता, लेकिन आज इस युवा ने एक नई मिसाल पेश की हैं। आइये अब हम आपको इस युवा के बारें में बताते हैं।
फुटबॉल का नाम लेते ही फीफा वर्ल्ड कप जहन में आ जाता हैं हालांकि भारत की टीम उसका हिस्सा नहीं हैं लेकिन फिर भी हम फीफा को काफी चाव से देखते हैं। लेकिन जल्द ही ऐसा होगा जब भारत की टीम फीफा में भाग लेगी क्योंकि आज हमारी धरती पर कई बेहतरीन फुटबॉलर मौजूद हैं। एक ऐसे ही फुटबॉलर हैं उत्तरप्रदेश में मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में रहने वाले नीशू कुमार। हाल ही में नीशू कुमार को भारतीय फुटबॉल टीम में मिली हैं। नीशू कुमार के पिता एक कॉलेज में चपरासी थे।
21 वर्षीय नीशू कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत और लग्न से भारतीय फुटबॉल टीम में डिफेंडर के रूप अपनी जगह बनाई हैं। आपको बता दें नीशू कुमार का परिवार गरीबी में अपना जीवन व्यतीत करता हैं। हालांकि गरीबी और असुविधाओं के बावजूद नीशू कुमार ने फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया। नीशू कुमार के परिजन भी काफी खुश हैं कि उनके बेटे का फुटबॉल की राष्ट्रीय टीम में चयन हुआ हैं। आपको जानकर हैरानी होगी नीशू कुमार जहां रहते हैं वहां फुटबॉल के बारें में कम ही लोग जानते हैं। इसके बावजूद नीशू कुमार ने ये मुकाम हासिल किया हैं।
बता दें नीशू कुमार ने 5 साल की उम्र से ही फुटबॉल खेलना शुरू किया था। स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर की देखरेख में प्रैक्टिस करते थे। नीशू कुमार इंडियन सुपर लीग में बेंगलुरु एफसी के लिए खेलते हैं। अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत आज उनका भारतीय फुटबॉल टीम में खेलने का मौका मिला हैं।
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