क्राइम डेस्क। देश में आज कल हर दिन ऐसी घटनाएँ देखने को मिलती है जिससें मानवता हर बार शर्मसार होती है। हम रोज अखबारों और टीवी में कही ना कही दुष्कर्म, गैंगरेप, मर्डर जैसी घटनाएं देखतें रहते है इसके बाद मानों ऐसा लगता है की देश में कानून नाम की कोई चीज ही ना हो रोज इस तरह की घटनाएँ होने के बाद भी ना तो कानून कोई कार्यवाई करता है और इन पर लगाम लगती है। माता-पिता, भाई- बहिन, पति पत्नी के रिश्ते को भी शर्मसार करने वाली घटनाएँ हर दिन नजर आती है। साथ ही आज कल किसी लड़की की जिंदगी बर्बाद करने के लिए उसकी फोटो,वीडियो को इंटरनेट पर शेयर कर दिया जाता है। जों लड़की दुष्कर्म की वजह से अपनी जिंदगी की पहचान खो चुकी होती है, साथ उसकी पहचान दुनिया के सामने रखने की कोशिश में आज कल लोगों इसके दुख को समझने की बजाए उसकी फोटो खीचने और उसकी पहचान दुनिया के सामने उजागर करने का प्रयास करते है।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है मंदसौर में सामूहिक बलात्कार की पीडि़त सात वर्षीय स्कूली छात्रा की फोटो खींचकर उसकी पहचान उजागर करने के प्रयास के आरोप में यहां शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय की एक वरिष्ठ नर्स को गिरफ्तार किया गया है। खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है कि जब पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो इस अस्पताल में काम करने वाली एक वरिष्ठ नर्स ने अपने मोबाइल कैमरे से पीडि़त बच्ची और उसके इलाज से जुड़े दस्तावेजों के फोटो खींचे हैं। ऐसा कर के वह पीड़िता की पहचान उजागर कर रही थी।
जब पुलिस द्वारा मामले की जाच की गयी तो पाया गया कि वरिष्ठ नर्स अपने मोबाइल कैमरे से पीड़ित बच्ची और उसके इलाज से जुड़े दस्तावेजों के फोटो खींचे रही थी। नर्स के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) और भारतीय दंड विधान की संबद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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