कुछ दिनों पहले ही भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड ने 2018-19 के लिए अपना घरेलू कैलेंडर जारी किया था। यह अब तक का सबसे बड़ा कलैंडर है। इसमें महिला और पुरुष सभी को मिलाकर 2,017 मैच खेले जाएंगे। इसकी शुरुआत 13 अगस्त को महिला चैलेंजर ट्रॉफी से होगी वहीं 17 अगस्त से दिलीप ट्रॉफी का आयोजन किया जायेगा।
सौरव गांगुली को किया नजरअंदाज
अब खबरें मिल रही हैं कि बीसीसीआई ने घरेलू कैलेंडर तैयार करने के दौरान पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को नजरअंदाज किया है। गौरतलब है कि सौरव गांगुली टेक्निकल कमिटी के अध्यक्ष है और नियम के मुताबिक यही कमिटी घरेलू कैलेंडर फाइनल करती है। अब उनका इसमें शामिल नहीं किया जाना बीसीसीआई पर सवाल उठाता हैं।
रणजी ट्रॉफी में शामिल की गई हैं नई टीमें

इस बार रणजी ट्रॉफी में 1 नवंबर से 6 फरवरी तक खेली जाएगी जिसमें कुल 160 मैचों का आयोजन किया जायेगा। अबकी बार इस टूर्नामेंट में 9 नई टीमें शामिल की गयी हैं। इसमें पूर्व-उत्तर की 6 राज्य शामिल हैं। जिनमें अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम हैं। इसके अलावा बिहार, उत्तरखंड और पुडुचेरी को भी इस बार रणजी ट्रॉफी में शामिल किया गया है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया गया हैं।
इस वजह से नजरअंदाज हुई टेक्निकल कमिटी
बताया जा रहा है कि सौरव गांगुली की टेक्निकल कमिटी चाहती थी कि नए शामिल किए गए सभी टीमें पहले एज ग्रुप वाले टूर्नामेंट में हिस्सा ले और उसके बाद उन्हें रणजी ट्रॉफी में मौका मिले। इससे पहले पिछली बार शामिल हुयी छत्तीसगढ़ की टीम को भी पहले एज ग्रुप वाले टूर्नामेंट खेलने पड़े थे।
बीसीसीआई इस बार ऐसा नहीं चाहती थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था, कि सभी राज्यों को एक समान अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए दादा की अध्यक्षता वाली कमिटी तैयार नहीं थी। इसी वजह से उन्हें नजरअंदाज करते हुए बीसीसीआई ने नया घरेलू कैलेंडर जारी कर दिया।
The post बीसीसीआई ने सौरव गांगुली के साथ की नाइंसाफी, इस मामले में की अवहेलना appeared first on SportzWiki Hindi.