तमिलनाडु प्रीमियर लीग में किसी बाहरी खिलाड़ी के शामिल होने की इजाजत देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपने फैसले में साफ़ किया कि तमिलनाडु क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित तमिलनाडु प्रीमियर लीग(टीपीएल) में बाहरी खिलाड़ी नही खेलेंगे. वहीं लीग के सभी मैच निर्धारित समय पर ही खेले जाएंगे. क्योंकि प्रशासकों की समिति इसके लिए पहले ही मंजूरी दे चुकी. यह समिति भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का प्रशासन संभालती है. यह फैसला मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में सुनाया गया.
टीपीएल के वकील ने ये दी दलील

तमिलनाडु प्रीमियर लीग की तरफ से पेश वकील रंजीत कुमार ने दलील दी कि संबंधित क्रिकेट संघों से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर बाहरी खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग लेने की इजाजत दी जाए. उनका कहना था कि टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और हर टीम को राज्य से बाहर के दो खिलाड़ियों को शामिल करने की अनुमति है.
वहीं सीओए(प्रशासकों की समिति) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि बीसीसीआई के संविधान के नियमों को ध्यान में रखते हुए इसकी अनुमति नहीं है. उनका कहना था कि 2009 से कोई भी बाहरी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रहा है. आज यानि 12 जुलाई से शुरू हो रहे टीएनपीएल टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और हर टीम को 20 खिलाड़ियों का पूल रखने की इजाजत है.

बता दें आज से शुरु हो रहे इस टूर्नामेंट में पहला मैच डिंडीगुल ड्रैगन और रबी ट्रकी के बीच तिरुनवेली में खेला जा रहा है. डिंडीगुल ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया है. वहीं इसका फाइनल मुकाबला 12 अगस्त को खेला जाएगा. तमिलनाडु प्रीमियर लीग का ये तीसरा सीजन है. इससे पहले दो सीजन खेले जा चुके हैं. पहला सीजन 2016 में खेला गया था.
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