खेल डेस्क। कप्तान रानी के शानदार गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने अमेरिका से 1-1 से ड्रॉ खेल हॉकी विश्वकप टूर्नामेंट के अन्तिम आठ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। अब भारतीय टीम को क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करने के लिए मंगलवार को इटली की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
हालांकि भारतीय टीम ने अभी भी इस टूर्नामेंट में जीत का स्वाद नहीं चखा है। उसे पहले मैच में इंग्लैंड के साथ 1-1 का ड्रॉ खेलने के बाद आयरलैंड से 0-1 से हार मिली थी। भारतीय टीम को अन्तिम आठ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अमेरिका से जीत या ड्रॉ की आवश्यकता थी।
अमेरिका के खिलाफ मैच में भारतीय टीम की शुरुआत ही अच्छी नहीं हुई। उसे मैच के 11वें मिनट में ही गोल खाना पड़ा। अमेरिका को मार्गाक्स पाओलिन ने गोल से बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय टीम ने दमदार वापसी की। कप्तान रानी ने 31वें मिनट में गोल का भारत को मैच में बराबरी दिलाई। इसके बाद दोनों ही टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका।
इस ड्रॉ के साथ ही भारतीय टीम पूल बी में आयरलैंड और इंग्लैंड के बाद तीसरे स्थान पर रही। इस विश्व कप में हर पूल में स्थान पर रही टीम को सीधे अन्तिम आठ में जगह मिली। जबकि पूल-बी में दूसरे और तीसरे स्थान की टीम को दूसरे पूल की दूसरे और तीसरे नंबर की टीमों से मैच खेलना होगा। इसमें जीतने वाली टीम को क्वार्टरफाइनल में पहुंचने का मौका मिलेगा।
इस विश्व कप में भारत और इटली के रिकॉर्ड की बात की जाएं तो रानी की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अपने पूल में तीन मैचों में दो ड्रॉ खेले हैं और एक में उसे हार मिली है जबकि इटली ने दमदार प्रदर्शन करते हुए तीन में दो मैचों में जीत हासिल की और एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है।