इंटरनेट डेस्क:सरकार ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार के राजकोषीय घाटे पर इसका कोई असर नहीं होगा। किसानों के संकट को दूर करने के लिए हमारी सरकार ने एमएसपी में 200 रुपए प्रति क्विन्टल की रिकॉर्ड वृद्धि करने का फैसला लिया है। इसके साथ खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 52 प्रतिशत तक की वृद्धि करने का फैसला लिया गया है। जेटली ने कहा कि बजट में खाद्य सब्सिडी के लिए कुछ नियम बनाये गए हैं और सरकार इस राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पार किए बिना ही अतिरिक्त खर्च का वहन कर सकती है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस फैसले के बाद सरकार पर 15,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार ने 2018-19 के बजट में खाद्य सब्सिडी के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए का नियम है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और बुनियादी ढांचा मजबुत करने के लिए अभी इंतजार करना होगा। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर किसानों के विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
मोदी सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया है। इस फैसले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत का 1.5 गुणा कीमत दिलाने का जो वादा किया था आज वह पूरा हो गया है। मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। मोदी सरकार के इस कदम के कारण राजकोष पर करोड़ों रुपए का बोझ बढ़ने की बात कही जा रही है।कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है।
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