इंटरनेट डेस्क। भारत के पूर्व महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने अपने क्रिकेट जीवन में कई उपलब्धियां हासिल की है। इन उपलब्धियों को देखते हुए आखिर कौन सा युवा खिलाड़ी होगा जो उनसे प्रेरणा नहीं लेना चाहेगा।
क्रिकेट से जुड़े हर युवा के लिए भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत जरूर होंगे। शांत स्वाभाव के लिए जाने जाने वाले राहुल द्रविड़ ने भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम को कोचिंग देते हुए विश्व चैम्पियन बनाया था।
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इस टीम के कप्तान पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल, कमलेश नागरकोटी, अनुकूल रॉय, इशान पोरेल, शिवम मावी सहित कई युवा खिलाडिय़ों ने राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन से अपने खेल में काफी सुधार किया है।
एक खिलाड़ी के तौर पर भी राहुल द्रविड़ युवा के लिए बड़े प्रेरणादायी हैं। अपने क्रिकेट जीवन में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की। इससे प्रेरणा लेकर कोई भी युवा खिलाड़ी अपने को खेल जगत की ऊंचाइयों पर पहुंचा सकता है।
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द वॉल राहुल द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर के भारतीय क्रिकेट में दबदबे के बीच अपनी विशेष पहचान बनाने में सफलता हासिल की। राहुल द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैचों में 52.31 के औसत से 13288 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 36 शतक और 63 अर्धशतक लगाए। टेस्ट मैच में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 270 रन है।
अगर वनडे क्रिकेट की बात की जाए तो उन्होंने 344 एकदिवसीय मैच में 10889 रन बनाए। वनडे में उन्होंने 12 शतक और 83 अर्धशतक लगाए।
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राहुल द्रविड़ ने केवल बल्लेबाजी में ही कमान नहीं दिखाया अपितु उन्होंने महेन्द्र सिंह धोनी के भारतीय टीम में शामिल होने से पहले कई सालों तक विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाई थी। इस दौरान उन्होंने (टेस्ट और वनडे) अतंरराष्ट्रीय क्रिकेट में 406 कैच लिए और 14 स्टंपिंग की।
टेस्ट क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के दम पर राहुल द्रविड़ आईसीसी का पहला आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने में सफल रहे थे। 2004 में आईसीसी अवॉर्ड शुरु हुए थे।