क्रिकेट जगत में आज हमेशा ऐसे अनगिनत रिकॉर्ड बनते है जिनके बारे में हम कुछ सोच भी नहीं सकते। क्रिकेट की शुरुआत साल 1877 में हुई थी जब पहली बार अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था।
इस उद्घाटन मैच में इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह आज इंग्लैंड को क्रिकेट का जन्मदाता कहा जाता है कि सबसे पहले यही क्रिकेट खेला जाना शुरू हुआ था।

श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने को आज शायद ही कोई भूल सकता है, क्योंकि ये वनडे क्रिकेट में आज भी पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है। इन्होंने अपने कैरियर में भारत के सचिन तेंदुलकर (463) के बाद सबसे ज्यादा मैच खेले है।
यह कारनामा करने वाले एकलौते बल्लेबाज है जयवर्धने
गौरतलब हो माहेला जयवर्धने जितने अच्छे बल्लेबाज रहे है उतने ही अच्छे एक कप्तान भी रहे है। इन्होंने अपनी कप्तानी में श्रीलंकाई टीम को बहुत बार जिताया है। लेकिन इस दौरान इनके नाम एक ख़ास रिकॉर्ड भी है, जो शायद कोई नहीं जानता है।
जी हाँ, आपको बता दें कि जयवर्धने आज भी एकलौते बल्लेबाज है, जिन्होंने 50 ओवर के विश्व कप में सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मैचों में शतक बनाया है।

बता दें कि दिग्गज क्रिकेटर जयवर्धने ने साल 2007 के विश्व कप में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में नाबाद 115 रनों की शतकीय पारी खेली थी। साथ ही उस मैच में लंका को जीत भी मिली और इन्हें मैन ऑफ़ द मैच का अवॉर्ड दिया गया था। जबकि अगर फाइनल की बात करें तो इन्होंने साल 2011 भारत के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 103 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

इनकी दोनों पारियों में ख़ास बात यह देखने को मिली है कि दोनों ही शतक बड़ी टीमों के खिलाफ और वह भी नाबाद रहते हुए बनाये है। जबकि अपने पूरे कैरियर में 448 वनडे मैच खेलते हुए 12650 रन बनाये थे, जिसमें 19 शतक शामिल थे। वहीं 149 टेस्ट मैचों में 11814 रन अपने बल्ले से बनाये थे।
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