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धोनी इस वजह से नहीं देते मैदान पर खिलाड़ियों को मां-बहन की गाली

स्पोर्ट्स डेस्क:भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को कैप्टन कूल के नाम से भी जाना जाता है। महेन्द्र सिंह धोनी मैदान पर कितना भी दबाव हो लेकिन अपने शांत और कूल अंदाज में ही नजर आते हैं। इसलिए धोनी को कभी गुस्सा होते हुए किसी ने नहीं देखा होगा। अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले धोनी ने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को तीन बार आईसीसी खिताब दिलवाने में कामयाब रहे हैं। धोनी मैदान में बल्लेबाजी करे या कप्तानी लेकिन कभी भी अपने कूल अंदाज को नहीं छोड़ते हैं।

धोनी हमेशा अपने शांत दिमांग के सा​​थ विपक्षी टीम का हौसला तोड़ देते हैं। धोनी अपने सा​थ अपने साथी खिलाड़ियों को भी शांत रहने के लिए कहते हैं। महेन्द्र सिंह धोनी ने कप्तान के रूप में ही नहीं बल्कि विकेट कीपर और एक बल्लेबाज के रूप में अपने नाम कई रिकॉर्ड बनाए हैं। हाल ही ने भारत सेन की किताब ;द धोनी टच में महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं के बारे में पता चला है। इस किताब के माध्यम से पता चलता है की धोनी का कितना शांत अंदाज, जिसका जिक्र इस किताब में किया गया है। इस किताब में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच हुए एक मैच का भी जिक्र किया गया है। इस मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 159 रन पर आउट कर दिया।

जब भारतीय टीम जीत के बेहद करीब थी, तब महेन्द्र सिंह धोनी ने मैदान से डे्रेसिंग रूम में बैठे अपने साथी खिलाडिय़ों और टीम के अन्य सदस्यों को यह संदेश दिया कि क्रिकेट ग्राउंड की बालकनी में कोई सेलिब्रेशन नहीं करें। इसकी वजह थी आॅस्ट्रेलिया टीम को ये बतान था ​की उसे हराना कोई बड़ी बात नहीं है। अगर टीम ज्यादा जश्न मनाती तो ऐसा लगता की हमने पहली बार उसे हराया है। इस किताब में बताया गया है कि महेन्द्र सिंह धोनी अपने खिलाडिय़ों को मैदान पर मां-बहन की गाली देने के लिए भी मना करते थे। अगर कोई ऐसा करता है तो उस गाली के साथ स्वंय भी परेशानी में रहता है।



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