बॉल टेंपरिंग के चलते 12 महीने का बैन झेल रहे ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर की क्रिकेट में वापसी निराशाजनक रही है. एक लंबे समय बाद कनाडा के ग्लोबल टी-20 क्रिकेट के जरिए मैदान पर वापसी कर रहे वार्नर सिर्फ दो गेंदे ही खेल सके. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व उप कप्तान डेविड वार्नर सिर्फ दो रन ही बना पाए.
इसी साल मार्च में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट में बॉल टेम्परिंग में भूमिका के कारण क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वार्नर को 12 महीने के लिए प्रतिबंधित किया है. इस मामले के बाद अब जब फिर से वार्नर ने क्रिकेट में वापसी की तो वह एक नए बैट के साथ बल्लेबाजी करते हुए नज़र आए.
इस नए स्टीकर का बैट लिए नज़र आए डेविड वार्नर

डेविड वार्नर लगभग पिछले एक दशक से ग्रे निकोल्स के स्टीकर के बैट का इस्तेमाल करते आए रहे थे. मगर बॉल टेम्परिंग विवाद के बाद जब वार्नर पहली बार बल्लेबाजी के लिए उतरे तो वह एक नए बैट के साथ नज़र आए.
दरसल वार्नर स्पार्टन के लगे स्टीकर के बल्ले का इस्तेमाल कर रहे थे. हालांकि इस बैट से उनकी पहली पारी खास नही रही और वह सिर्फ एक रन ही बना सके.

2009 में जब डेविड वार्नर ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से अपने इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत की थी तो उन्होंने ग्रे निकोल्स के स्टीकर वाले उस बैट से 43 गेंदों पर धमाकेदार 89 रनों की पारी खेली थी. इसके बाद वार्नर ने ग्रे निक के बैट से ही 39 अन्तर्राष्ट्रीय शतक लगाए. इसके साथ ही वह टी-20 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी बने. इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में लंच से पहले शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी हैं.

डेविड वार्नर एक बार अपने बल्ले का इस्तेमाल एक माइक्रोफोन के तौर पर भी कर चुके हैं, जब उन्होंने एक शानदार पारी खेली थी. वहीं स्पार्टन के स्टीकर वाले बल्ले का इस्तेमाल इस समय महेंद्र सिंह धोनी भी कर रहे हैं.
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