भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भारतीय ीमित ओवर की टीम का हिस्सा नहीं रहते हैं। ईशांत शर्मा पिछले लंबे समय से भारतीय टीम के लिए केवल और केवल टेस्ट फॉर्मेट का ही हिस्सा हैं।
इन दिनों भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज खेल रही हैं तो वहीं ईशांत शर्मा भी वनडे सीरीज के बाद होने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का इंतजार कर रहे हैं।

ईशांत शर्मा ग्रेटर नोएडा स्थित बेनेट यूनिवर्सिटी पहुंचे
ईशांत शर्मा इन सबके बीच बुधवार को दिल्ली के नजदीक ग्रेटर नोएटा के बेनेट यूनिवर्सिटी पहुंचे। ईशांत शर्मा ने बेनेट यूनिवर्सिटी पर फिटनेस मंत्र दिए और और कई बाते साझा की। ईशांत शर्मा से इस दौरान बच्चों ने टीम से जुड़े कुछ सवाल किए तो उन्होंने इसके जवाब दिए।

धोनी और कोहली की कप्तानी में अंतर को लेकर बोले ईशांत
ईशांत शर्मा ने बच्चों को बताया कि
“आपको कभी अपनी गलतियों से नहीं डरना चाहिए क्योंकि कोई भी गलतियों से ही सीखता है। अगर आप मैदान में गलतियां करते हैं, तो उनका सामना कैसे करते हो ये सबसे महत्वपूर्ण है। वहीं ईशांत शर्मा ने एक बच्चे ने भारतीय टीम के के दो कप्तानी महेन्द्र सिंह धोनी और विराट कोहली की कप्तानी में अंतर पूछा तो ईशांत ने बताया कि माही शांत है, तो विराट आक्रमक कप्तान हैं यही एक अंतर है।”

खेल में आत्मविश्वास है सबसे महत्वपूर्ण
ईशांत शर्मा ने आगे कहा कि
“ये हमारे युवा खिलाड़ियो के लिए एक अच्छा सत्र था। मैं क्रिकेट खेलता हूं और उनके टिप्स हमें बहुत मदद करते हैं। उन्होंने हमें अपने स्वाभाव के बारे में बताया जो खेलते समय बहुत जरूरी है और आत्मविश्वास रखना बहुत महत्वपूर्ण है।”

पहली बार आया किसी यूनिवर्सिटी पर
“ये पहली बार है कि मैं किसी यूनिवर्सिटी आया हूं। ये एक बहुत महान यूनिवर्सिटी है और काफी बड़ी है। मैं एक क्रिकेटर के दृष्टिकोण से बात कर रहा हूं और इस यूनिवर्सिटी का मैदान सही प्रशिक्षण के लिए परफेक्ट हैं। मुझे यहां पर वापस आना अच्छा लगेगा। क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और मैं आने वाले क्रिकेटरों के साथ अपना अनुभव साझा करना चाहता हूं।”

बच्चों पर माता-पिता शुरूआत से ही डालते हैं क्रिकेटर बनने का दबाव
शर्मा ने फिटनेस को लेकर कहा कि
“छात्रों के लिए फिटनेस वर्कशॉप आयोजित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए महत्वपूर्ण है। जब मैं स्कूल में था, तो कोई भी क्रिकेट खिलाड़ी कभी हमारे संस्थान का दौरा नहीं करता था, लेकिन ये महत्वपूर्ण है कि महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों को उनके आदर्श खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने को मिल जाए।
क्रिकेट एक बहुत ही लोकप्रिय खेल है, लेकिन ये इच्छुक खिलाड़ियों के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। माता-पिता अक्सर युवाओं पर खेल को फॉलो करने और इसमें परिणाम दिखाने का दबाव डालते हैं और कम से नेशनल टीम नहीं तो आईपीएल खेलने को कहते हैं ऐसे में छोटी सी उम्र में क्रिकेटर को तनाव संभावना सीखना चाहिए।“

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