क्राइम डेस्क। पश्चिमी बंगाल में एक विवाहित महिला के साथ मारपीट और गैंगरेप का मामला सामने आया हैं। जब पीड़ित महिला ने पुलिस से मदद मांगी तो उन्होंने भी सिर्फ आश्वासन दिया कोई कार्यवाई नहीं की। पीड़ित महिला ने राज्यपाल और आगरा के आईजी को पत्र लिख घटना से अवगत कराया। फिलहाल इस मामले में पुलिस की और से कोई कार्यवाई नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार पीड़ित विवाहिता पति के साथ पश्चिमी बंगाल में रहती हैं। 25 जून को दोपहर में वह अपनी सौतेली मां के साथ अपने मायके आई थी। महिला का मायका उत्तरप्रदेश में सिरसागंज के कपरावली क्षेत्र में हैं। पीड़िता ने बताया कि उसकी मां खेतों को बटाई पर देना चाहती थी। एक दिन जब वह और मां घर पर थी तभी शाम को गांव के कुछ लोग आये। उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की, बालों को खींचा, कपड़े फाड़ दिए और फिर बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। जब उसकी मां बीच बचाव करने आई तो उनको पिता और दोनों को बंधक बना लिया।
पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म करने के बाद आरोपियों ने उनको धमकी दी कि अगर किसी को इस बारें में बताया तो उसे और उसके परिवार को जिंदा जला देंगे। पीड़िता ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर (100) पर कॉल किया लेकिन किसी ने उठाया। बाद में दो पुलिस वाले आए और उसको साथ ले जाने की बात कहने लगे। जब वह उनके साथ गई तो कुछ देर बाद घिरोर में आरोपी भी मिले गए। पीड़िता ने बताया कि वह घबराकर आगरा एक रिश्तेदार के घर चली गई।
पीड़िता ने बताया कि उसकी सौतेली मां के कोई संतान नहीं हैं। सौतेली मां ने सारी सम्पति उसके नाम रख रखी हैँ। उसकी मां ने वसीयत को तहसील में उसने दाखिल कर रखा हैं। इसी सम्पति विवाद के चलते मां के रिश्तेदार उसकी हत्या करना चाहते हैं। पीड़िता ने कहा कि 25 जून को मेरी मां, उसके मोबाइल की लोकेशन और आरोपियों की लोकेशन एक ही थी। क्योंकि उन्होंने हमारा घिरोर और फिर टूंडला टोल तक पीछा किया था। चाहे इसकी जांच करा लें।
पीड़िता ने आगरा के आयुक्त को अपनी हत्या की आशंका के चलते पत्र दिया था। लेकिन उसे सुरक्षा मुहैया कराते उससे पहले ही गैंगरेप की घटना हो गई। पीड़ित विवाहिता ने आगरा के आईजी से भी मुलाकात की। तब उन्होंने कहा कि तुम सिरसागंज थाने जाओ, तुम्हारा मुकदमा भी दर्ज होगा और पुलिस पूरी मदद करेंगी। इस पर पीड़िता ने कहा कि अगर वह वापस सिरसागंज गई तो आरोपी उसकी हत्या कर देंगे।
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