वेब डेस्क। देश-दूनियां में कई ऐसे स्थान हैं जो अपनी अपार धन-सम्पदा की वजह से जाने जाते हैं, मगर पूरी दूनियां में कुछ स्थान ऐसे भी हैं जो अपने रहस्यमयी खजानों की वजह से चर्चा में बने रहते हैं। पुराने समय से ही भारत को सोने की चिडियां कहा जाता हैं, इस देश में कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो आज भी अनसुलझे हैं। कहा जाता हैं कि इस देश में इतनी अपार धन संपदा छिपी हैं जो कई वर्षों तक पूरी दूनियां का खर्च वहन कर सकती हैं। प्राचीनकाल में विदेशी आक्रांताओं ने जब भारत पर आक्रमण किया तो इसमें काफी लूट-खसोट की थी जिसके चलते भारत का काफी बेशकीमती खजाना भारत के बाहर चला गया। भारत के इस बेशकीमती खजाने में मयूर तख्त और कोहिनूर हिरे का नाम भी शामिल हैं जो गोलकुंडा की खानो से निकाला गया था। भारत में कई ऐसे खजाने हैं जो अभी तक लोगो की सामने रहस्य बने हुए हैं अर्थात ये खजाने आज तक कोई नही ढूंढ पाया मगर इनके होने का उल्लेख काफी बार मिला हैं। आईये जानते हैं इन बेशकीमती खजानों के बारें में....
मीर ओस्मान अली का खजाना:
हैदाराबाद को निजामों का शहर कहा जाता हैं। पुराने दौर में यहां के निजाम काफी अमीर हुआ करते थें। कुछ घरानें आज भी यहां शाही जिंदगी जीते हैं मगर कुछ वक्त के थपेडों में सारी धन-दौलत गंवा बैठें। मीर ओस्मान अली खान हैदराबाद के असफ जाह शासन के सातवे और आखरी निज़ाम हुआ करते थें। मीर ओस्मान अली खान को खजाने के संग्राहलय और बेशकीमती गहनों की वजह से जाना जाता था। वर्ष 1937 में निज़ाम मीर ओस्मान अली खान को टाइम मैगज़ीन द्वारा सबसे अमीर आदमी के खिताब से नवाजा गया। माना जाता हैं कि उनकी मौत के बाद से आज तक कोई भी उनके खजाने और गहनो का पता नही लगा सका हैं। उनके खजाने को लेकर कई बार खबरे सूनाई दी की वो अपना खजाना हैदराबाद के कोठी पैलेस में छुपा कर रखते थें।
बिहार की सोन भंडार गुफाएं:
इन गुफाओं को देखने के लिए प्रतिवर्ष काफी पर्यटक यहां आते रहते हैं। बिहार की सोन भंडार गुफाओं में छिपा राज हर बार बेहिसाब धन-दौलत की ओर इशारा करता हैं। ये गुफाएं बडे-बडे पत्थरों से बनी हुई हैं। इन गुफाओं को लेकर चर्चाएं बनी रहती हैं की ये मगधन राजा बिम्बिसार के ज़माने की गुफाएं है। इन गुफाओं को लेकर कहा जाता हैं की यहां राजा बिम्बिसार ने अपना खजाना छुपाया था। दरअसन नाम का अर्थ निकलता हैं की ;सोने का खजाना यानि की यहां सोने का खजाना रखा जाता था। मान्यताओं के अनुसार अजातशत्रु ने जब अपने पिता बिम्बिसार को कारागार में कैद कर लिया था तब उनकी पत्नी ने इस खजाने को यहां छूपाया था। बिहार की सोन भंडार गुफाओं में संखलिपि में लिखित शिलालेख मिले हैं जो शायद इस खजाने के रहस्य समेटे हुए हैं। बिम्बिसार के इस खजाने को पाने के लिए अंग्रेजो ने भी खूब प्रयास किये थे जिसके निशान यहां आज भी मौजूद हैं।
जयगढ़ किले का शाही खजाना:
राजस्थान राज्य में राजे-रजवाडे अपने बेशकीमती धन-दौलत की वजह से जाने गयें। राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर में स्थित जयगढ़ का किला दुनिया में आज भी ऐसे रहस्य समेटे हुए जिनका पता लगाना बेहद मुश्किल हैं। इस किलें में रखी तोपे अपनी विशालता की वजह से काफी प्रसिद्व हैं। जयपुर के राजघराने में खजाने से जुडी कई कहानियां प्रचलन में हैं वहीं ये बात बिल्कुल सच हैं की इसमें आज भी खजाने से जूडे अनसुलझे रहस्य छिपे हैं। कहानियों के अनुसार अकबर के रक्षा मंत्री मान सिंह ने अफगानिस्तान का युद्व जीतने के बाद अपना खजाना इसी किले में छिपाया था। इस खजाने को ढूंढने के लिए सन 1977 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बडे प्रयास किये थें। माना जाता हैं कि सडको को बंद करके उस समय जयपुर से दिल्ली तक कई ट्रक खजाने के भरकर ले जाये गये थे मगर कई बार इसे नकारा भी गया हैं की उस समय कोई भी खजाना नही मिला था। इंदिरा गांधी द्वारा किये गये इन प्रयासों की पूरी कहानी महारानी गायत्री देवी ने अपनी किताब ;A Princess Remembers में किया हैं। कहानियों के अनुसार इस किले में मौजुद खजाना आज भी रहस्य बनकर सबके सामने मौजुद हैं और यहां बेशुमार धन-दौलत आज भी मौजुद हैं।
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