विश्वक्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों का कोई सानी नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि बैटिंग हमारे खून में है. यह हमें विरासत में मिली है. हमने सचिन, गावस्कर, द्रविड़, गांगुली को बल्लेबाजी करते देख अपना बचपन बिताया है. हमारे देश में बच्चा मैदान पर जाने से पहले बल्ला पकड़ने के बारे में सोचता है. गली क्रिकेट में आपने भी देखा होगा कि लोग गेंदबाजी करने से ज्यादा बल्लेबाजी को तवज्जों देते हैं.

अमूमन अपने यहां क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाला हर फैन्स छक्कें-चौकों की बरसात देखना चाहता है. हम उस समाज में पले बढे हैं जहां सचिन की कवर ड्राइव की चर्चा अख्तर की रफ़्तार से ज्यादा होती रही है. अख़बारों में जब यह पढ़ने को मिलता था कि दुनिया के महान स्पिनर शेन वार्न के सपने में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर आते हैं. इसे पढ़ हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता था. आज भी बुमराह से ज्यादा विराट को चाहने वाले हैं.
वहीं इसके उलट पड़ोसी देश पाकिस्तान ने हमेशा गेंदबाजी को तवज्जो दिया. यही वजह से की पाक ने हमेशा विश्वस्तरीय गेंदबाजों को जन्म दिया है. वहां के क्रिकेटप्रेमी वासिम अकरम, शोएब अख्तर, मोहम्मद आमिर की क्रिकेट बनने का सपना संजोते हैं. पाक की माटी ने हमेशा से विश्वक्रिकेट को अव्वल दर्जे के गेंदबाजों से परिचित कराया है.
जानें क्यों आज तक हमारे यहां अख्तर और इमरान खान पैदा नहीं हुआ.

1- क्रिकेट की ट्रेनिंग में बच्चों को गेंदबाज से ज्यादा बल्लेबाज की अहमियत बताई जाती है. नेट पर गेंद से प्रेक्टिस कराने के बजाय बल्ला पकड़ा दिया जाता है. वो बच्चों जो क्रिकेट का ककहरा सिखने आते हैं उन्हें यह नहीं बताया जाता कि क्रिकेट में गेंदबाज और बल्लेबाज का महत्व बराबर होता है. धोनी का छक्का जितना मायने रखता है उतना ही बुमराह की यार्कर का भी महत्व है.
2- हमारे यहां गेंदबाजों के अनरूप पिच भी नहीं बनाई जाती है जिससे युवा खिलाड़ी जो गेंदबाज बनने का सपना संजोते हैं वो शुरुआत में ही निराश हो जाते हैं. बल्लेबाज की वाहवाही देख वे खुद पर फोकस नहीं कर पाते हैं. इस वजह से हमें गेंदबाजों के बारे में सोचते हुए पिच तैयार करना चाहिए.

3- भारत में गेंदबाजों के रोल मॉडल का अभाव. हर खिलाड़ी का अपना आदर्श क्रिकेटर होता है. कोई भी युवा खिलाड़ी अपना आदर्श अपने कौम से ही चुनना पसंद करता है. भारत में विश्वस्तर का कोई ऐसा गेंदबाज नहीं हुआ जिसने अपने नाम का डंका दुनिया भर में बजाया हो.
गौर करने वाली बात है, कि हम तेज गेंदबाजी की बात कर रहे हैं. भारतीय स्पिनर अपना काम बखूबी कर रहे हैं, इस वजह से आने वाली पीढ़ी में मयंक मारकंडे, चहल और कुलदीप जैसे गेंदबाज आ रहे हैं.
The post ये है वो कारण जिसकी वजह से बीसीसीआई नहीं बना सकता पाकिस्तान जैसे उच्च कोटि के तेज गेंदबाज appeared first on SportzWiki Hindi.