खेल डेस्क। भले ही पूर्व चैम्पियन इंग्लैंड रूस में हुए फीफा विश्व कप में चौथे स्थान पर रही हो पर उसके कप्तान और स्ट्राइकर हैरी केन टूर्नामेंट में सर्वाधिक छह गोल करने के कारण गोल्डन बूट का पुरस्कार हासिल करने में सफल रहे।
इसके साथ ही यह उपलब्धि हासिल करने वाले इंग्लैंड के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 1986 में मैक्सिको में हुए विश्व कप में गैरी लिनाकर ने गोल्डन बूट का पुरस्कार हासिल किया था। लिनाकर ने भी केन के समान छह गोल किए थे।
क्रोएशिया का सपना तोड़ फ्रांस दूसरी बार बना फीफा विश्व चैम्पियन,विजेता को मिले करीब 260 करोड़ रुपए
वहीं अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की बात की जाए तो बेल्जियम के गोलकीपर तिबौत कोर्टियस को गोल्डन ग्लब का पुरस्कार मिला। उपविजेता क्रोएशिया के कप्तान लुका मोड्रिच को गोल्डन बॉल और फ्रांस के किलियन एमबापे को एमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया। स्पेन की टीम फीफा फेयर प्ले ट्रॉफी हासिल करने में सफल रही।
परेरा की फिरकी में फंस द.अफ्रीका ने बनाया ये शर्मनाक रिकॉर्ड, श्रीलंका ने जीता पहला टेस्ट
शुरुआत में हैरी केन ने दमादार प्रदर्शन किया था। हालांकि वह इस प्रदर्शन को नॉकआउट दौर में कायम नहीं रख सके। केन ने शानदार नेतृत्व करते हुए इंग्लैंड को सेमीफाइनल में भी पहुंचाया था। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ने छह मैच खेलते हुए छह गोल किए हैं। जबकि बेल्जियम के रोमेलु लुकाकु, रूस के डेनिस चेरीशेव और पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो चार-चार गोल के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।
स्टेफी ग्राफ के बाद विम्बलडन खिताब जीतने वाली दूसरी जर्मन खिलाड़ी बनी कर्बर, सेरेना का टूटा सपना
रोनाल्डो ने तो इस टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में हैट्रिक बनाई थी। फ्रांस की विश्व कप जीत के हीरो कालियान एमबापे ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए। फ्रांस ने दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया। विजेता के तौर पर उसे 38 मिलियन डॉलर (करीब 260 करोड़ रुपए) और उपविजेता क्रोएशिया को 28 मिलियन डॉलर (192 करोड़ रुपए) मिले।