कॉलिन किंग्स वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर है. वह वेस्टइंडीज टीम का साल 1979 के विश्व कप में हिस्सा रह चुके है. उन्होंने इसी बीच द टेलीग्राफ को दिए गये एक इंटरव्यू में एक बात साझा की है. जिसमे उन्होंने कहा है, कि उनके साथ इंग्लैंड ने एक क्रिमनल जैसा व्यवहार किया है. उन्होंने कहा है, कि इंग्लैंड के लिए वीजा नहीं मिल पा रहा था.
मेरे साथ इंग्लैंड का दूतावास क्रिमनल की भांति कर रहा व्यवहार

आपकों बता दें, कॉलिन किंग्स की पत्नी इंग्लैंड की नागरिक है और वह पिछले छह महीनों से इंग्लैंड में ही रह रही है, लेकिन अपनी पत्नी के पास जाने के लिए कॉलिन किंग्स को वीजा नहीं मिल पा रहा है. वह इंग्लैंड में एक क्लब को कोचिंग भी देते है.
उन्होंने द टेलीग्राफ को दिए गये अपने एक बयान में कहा,
“मुझे अपनी पत्नी से मिलने व अपनी टीम को कोचिंग दिए जाने से रोका जा रहा है. मुझे पिछले तीन महीनों से इंग्लैंड जाने के लिए वीजा नहीं मिल पा रहा है. मेरे साथ इंग्लैंड का दूतावास एक क्रिमनल की भांति व्यवहार कर रहा है.”
बारबाडोस दूतावास से भी नहीं मिल रही मदद
उन्होंने आगे कहा,
“मैंने बारबाडोस दूतावास की भी मदद लेनी चाही है, लेकिन वहां से भी मुझे कोई मदद नहीं मिल रही है. मैं ब्रिटेन में कई सालों तक क्रिकेट खेला है और अब कोचिंग दे रहा हूं और जब भी मेरे वीज़ा का समय पूरा हुआ है, तो मैं वापस आया हूं. मैं कभी भी अपने वीजा के डेट से ज्यादा अवधि तक वहां नहीं रहा हूं.
अगर लीग का हिस्सा बनने के लिए मेरे पास छह महीने थे, तो मैं समय पर वापस आऊंगा. मैं एक ब्रिटिश नागरिक नहीं हूं, लेकिन मैं अंग्रेजी सेट अप का हिस्सा हमेशा से महसूस करता हूं, इसलिए काफी समय से ब्रिटेन जा रहा हूं और आ रहा हूं.
मैं ब्रिटेन से प्यार करता हूं, लेकिन जो वहां का दूतावास मेरे साथ कर रहा है मैं उससे काफी दुखी हूं. मैंने इस मामले में अपने पुराने साथी डेसमंड हेनेस और वेस हॉल से बात की है. मैं बारबाडोस में फंस गया हूं और यह नहीं जानता कि यह कब खत्म होगा.”
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