खेल डेस्क। भारत की पहली वनडे विश्व कप जीत में कप्तान कपिल देव के अलावा एक अन्य भारतीय ऑलराउंडर रोजर बिन्नी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। क्रिकेट के इस महाकुंभ में रोजर बिन्नी ने आठ मैचों में ही 18 विकेट चटकाकर भारत को पहली बार विश्व चैम्पियन बनवाया था।
आज इस महान ऑलराउंडर का जन्मदिन है। रोजर बिन्नी का जन्म आज ही के दिन यानी भारत की आजादी के कुछ साल बाद 19 जुलाई, 1955 को बेंगलूरु, कर्नाटक में हुआ था।आज हम उनकीविशेष उपलब्धियोंके बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।
जी हां, पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रोजर बिन्नी ने भारत को दो बार विश्व कप जितवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।उन्होंने क्रिकेट में हिस्सा लेने के अलावा एक बार जैवलिन थ्रो में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था। यहीं नहीं वह टीम इंडिया की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले एंग्लो इंडियन क्रिकेटर थे।
स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत की पहली विश्व कप जीत में अपनी गेंदों के माध्यम से शानदार प्रदर्शन किया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने सबसे ज्यादा 18 विकेट चटकाए थे।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अन्तिम आठ मुकाबले में चार विकेट हासिल किए थे। वहीं खिताबी मुकाबले में उन्होंने वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड को आउट कर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
इसके साथ ही बिन्नी के नाम एक अन्य उपलब्धि वर्ष 2000 में भारत अंडर-19 टीम को विश्व चैम्पियन बनवाने की थी। वह इस टीम के कोच थे।
बिन्नी ने भारत की ओर से 27 मैचों में 23.05 की औसत से 830 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 83 रन रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 47 विकेट भी लिए हैं।
वहीं एक दिवसीय क्रिकेट की बात की जाएं तो उन्होंने इसमें 72 मैच खेलते हुए16.12 की औसत से 629 बनाए हैं। वनडे में उनके नाम 77 विकेट हैं। रोजर बिन्नी के एक पुत्र स्टुअर्ट बिन्नी है जो अभी रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से खेलते हैं। वह भारत की ओर से छह टेस्ट, 14 वनडे और तीन टी-20 मैच खेल चुके हैं।