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पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार चुनाव लड़ेगी ये हिंदू महिला

भारत का पड़ौसी देश पाकिस्तान भारत से अलग होने के लिए उसने मुस्लिम समुदाय को अलग रखते हुए भारत से अलग हो गया था। इस वजह से पाकिस्तान में हिन्दू लोगों का जीना बहुत कठिन बन गया है। पाकिस्तान हमेशा से ही हिन्दू धर्म के लोगों पर अत्याचार करता आया है। लेकिन इस बार 25 जुलाई को होने वाले आम चुनावों में पाकिस्तान के इतिहास में जो नहीं हुआ था वह अब होने जा रहा है। इस चुनाव में पहली बार एक हिन्दू महिला चुनाव लड़ रही है। पाकिस्तान में मेघवार समुदाय की 31 वर्षीय सुनीता परमार ने निर्वाचन क्षेत्र पीएस -56 के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भरा है।

वैसे तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में पहली बार कोई अल्पसंख्यक समुदाय की एक गरिब महिला ने इस चुनाव में नामांकन भर के एक नया इतिहास रच दिया है। सुनीता जीस क्षेत्र से नामाकंन भरा है उस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हिंदू रहते हैं। इस बार चुनाव लड़ने पर सुनीता ने कहा की पूर्व की सरकारें उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से किए गए वायदों को पूरा नहीं कर सकी।आज हम हम अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं के लिए तरस रहे हैं। हम इस बात को बताना चाहते हैं की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।

हम अपने ​अधिकारों के लिए किसी से भी लड़ने के लिए तैयार है। इस महिला से पहले पहली बार पाकिस्तान में हिंदू दलित महिला कृष्णा कुमारी कोल्ही पाकिस्तान की पहली महिला सीनेटर बनने का गौरव प्राप्त किया था। कल पाकिस्तान की अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व भ्रष्ट प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को 10 साल की सजा और उनकी बेटी मरियम शरीफ को सात साल की सजा सुनाई है। इस फैसल के बाद पाकिस्तान में भूचाल आ गया है। इस हिंदू महिला का चुनाव लड़ने का फैसला बहुत बड़ी बात है।



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