सिटी न्यूज़। गुर्जर समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा का विरोध करने का फैसला वापस ले लिया हैं। मंगलवार को राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी के आवास पर बैठक के बाद गुर्जर समाज के बड़े नेता माने जाने वाले कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और हिम्मत सिंह गुर्जर ने यह घोषणा की। बता दें कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर में एक सभा को संबोधित करेंगे।
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मंत्री से मिलने के बाद गुर्जर समाज के नेता हिम्मत सिंह ने बताया कि डीओपी 9 दिसंबर 2016 से 21 दिसंबर 2017 तक की भर्तियों में 1 प्रतिशत एमबीसी आरक्षण का फायदा देने के लिए आदेश दे चुकी हैं। डीओपी ने एक बार और यह आदेश दे दिया हैं कि एमबीसी में 1 प्रतिशत आरक्षण का लाभ गुर्जर सहित पांच जातियों को दिया जाएं और 1 प्रतिशत का फायदा देकर इन जातियों को ओबीसी और जनरल में काउंट किया जाएं।
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हिम्मत सिंह ने बताया कि सरकार ने अलग-अलग विभागों में 1252 पदों पर गुर्जर सहित पांच जातियों को शेडो पोस्ट क्रिएट करके नौकरियां दे दी गई हैं। सरकार ने निर्णय लिया हैं कि जिन पदों पर ज्वाइन नहीं करने जैसे मामले हैं उन पदों पर वेटिंग लिस्ट के माध्यम से भर्ती होगी। 9 दिसंबर 2016 से 21 दिसंबर 2017 की भर्तियों में गुर्जर सहित पांच जातियां जनरल में गिनी गई हैं। कई जगह ओबीसी भी आरक्षण से वंचित रही हैं। डीओपी की आपत्ति के बाद कानूनी राय भी ली जा रही हैं।
हिम्मत सिंह ने बताया कि 9 जुलाई को गुर्जरों और सरकार के बीच बैठक होगी। राज्य सरकार 9 जुलाई की बैठक में बताएगी कि 4 जून को जस्टिस रोहिणी आयोग को ओबीसी कैटेगराइज पर राज्य सरकार ने क्या प्रजेंटेशन दिया हैं।
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