स्पोर्ट्स डेस्क:ICC क्रिकेट मैच के दाैरान बाॅल टेंपरिंग करने वाले खिलाड़ियों पर सख्त फैसले करने के बारे में सोच रही है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस प्रकार के मामलों को हल्के में नहीं लेकर उस पर कठोर कार्यवाही करने का फैसला किया है। अगर किसी टीम का खिलाड़ी वनडे या टेस्ट में अब बाॅल टेंपरिंग में दोषी पाया जाता है तो उस खिलाड़ी पर छह टेस्ट या 12 वनडे का प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। क्रिकेट के कई मैचों बॉल टेंपरिंग की घटना होने के बाद इस बार ICC इसे हल्के में नहीं लेने का फैसला कर लिया है।
इस साल बॉल टेंपरिंग के कारण ऑस्ट्रेलिया टीम के तीन खिलाड़ियों ने क्रिकेट इस इस खेल पर एक कलंक लगाने का काम किया था। इसके कारण इन खिलाड़ियों को दुनिया भर की आलोचानओं का सामना करना पड़ा था। इस खिलाड़ियों के कारण सभी खिलाड़ियों पर भी सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे। इस वर्ष मार्च में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दौरान आस्ट्रेलिया के तीन क्रिकेटर स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट ने गेंद के साथ छेड़छाड़ करने के दोषी पाए गए थे।
गेंद से छेड़छाड़ करने पर क्रिकेट के कानुन में इसे अपराध माना गया और इन प्लेयर्स को आस्ट्रेलिया के बोर्ड ने कड़ी सजा देने का फैसला सुनाया था। बोर्ड ने स्मिथ और वार्नर पर एक साल के लिए प्रतिबंधित किया जबकि बेनक्राफ्ट पर नौ महीने का प्रतिबन्ध लगा था। इस सजा के बाद इन खिलाड़ियों ने मीडिया के सामने अपनी गलती पर माफी भी मांगी थी। लेकिन इन खिलाड़ियों की गलती के बाद ICC ने भी इसके लिए जुर्माना लगाने के लिए एक नया नियम बना दिया है। ICC ने इसे गंभीर अपराध करार देते हुए इसे लेवल तीन का अपराध बना दिया है। क्रिकेट के मैदान पर आपका व्यवहार इस सूची में अभद्रता और दुव्र्यवहार को भी शामिल किया गया है। डबलिन में हुए वार्षिक सम्मेलन में मैदान पर गलत व्यवहार करने वाले खिलाड़ियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली गई है।
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