स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों इंग्लैंड दौरे पर है। टी-20 और वनडे के बाद अब भारतीय टीम इस दौरे पर टेस्ट मैच खेलने की तैयारी रही है। हालाँकि भारत के लिए पिछले इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज कुछ ख़ास नहीं रही थी लेकिन इस बारे टीम में नए खिलाडी आने से टीम का मनोबल बढ़ा है और टीम सीरीज जीतकर अपने पुराने ख़राब रिकॉर्ड को सही बनाना चाहेगी। पिछले कई सालों में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया है। आज हम आपको इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की ऐसी ही 5 पारियों के बारे में बताने जा रहे है जो कि हमेशा याद रखी जायेगी।
दिलीप वेंगसरकर (1986) -
वेंगसरकर ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए 23 मैचों में 48 की औसत से कुल 960 रन बनाये है। इसके अलावा लॉर्ड्स में लगातार तीन टेस्ट मैचों में शतक लगाने का एक अनूठा रिकॉर्ड भी वेंगसरकर के नाम है लेकिन 1986 के इंग्लैंड दौरे पर खेली गई उनकी पारी हमेशा याद की जायेगी। हेडिंग्ले टेस्ट मैच के पहली पारी में वेंगसरकर की 61 रन की पारी की मदद से भारत ने 272 रन बनाये और इंग्लैंड पहली पारी में 102 रन पर आलआउट हो गई।
दूसरी पारी में भारत एक समय 35 रन बनाकर में था लेकिन वेंगसरकर की 102 रन की शतकीय पारी की मदद से इंग्लैंड को 408 रन का लक्ष्य दिया। दूसरी पारी में इंग्लैंड 128 रन पर आलआउट हो गई और भारतीय टीम को 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
सचिन तेंदुलकर (1990) -
इस मैच में 17 वर्षीय सचिन ने अपना पहला टेस्ट शतक लगाया और भारत को मैच ड्रा करने में मदद ली। 408 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की टीम एक समय 109 रन पर 4 विकेट गँवा चुकी थी लेकिन सचिन ने मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर एक शर्मनाक हार से बचाया। सचिन ने इस मैच में 119 की पारी खेली थी।
महेंद्र सिंह धोनी (2007) -
धोनी ने 2007 में भारतीय टीम के इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान के यादगार पारी खेली थी। हालाँकि धोनी ने इस मैच में शतक नहीं लगाया था लेकिन उन्होंने अपनी इस पारी से मैच को सफलतापूर्वक ड्रा करवाया और भारत यह सीरीज 1-0 से जीता।
इस मैच में 380 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम एक समय 145 रन पर पांच विकेट गंवाकर संकट में थी लेकिन धोनी ने वीवीएस लक्ष्मन के साथ मिलकर 86 रन की महत्वपूर्ण साजेदारी की थी। अपनी इस पारी में धोनी ने 159 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौकों की मदद से 76 रन बनाये थे।
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