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गोल्ड को 10 साल: ओलिंपिक में अबतक भारत ने कब-कब जीता कौन सा मेडल, जानिए

नई दिल्ली
आज से ठीक 10 साल पहले अभिनव बिंद्रा ने ओलिंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह भारत की ओर से खेलों के इस महाकुंभ में निजी इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले और अभी तक के इकलौते भारतीय खिलाड़ी बने थे। बिंद्रा ने 2008 में पेइचिंग ओलिंपिक में निशानेबाजी (10 मीटर एयर राइफल इवेंट) में गोल्ड मेडल जीता था।

भारत ने ओलिंपिक खेलों में इससे पहले 8 गोल्ड मेडल जीते थे। सभी मेडल फील्ड हॉकी में हासिल किए थे। आजादी के बाद से भारत ने पांच बार गोल्ड मेडल ही जीते थे। लेकिन निजी तौर पर भारत के किसी खिलाड़ी ने कोई गोल्ड मेडल नहीं जीता था। देखिए इससे पहले ओलिंपिक में भारत का रेकॉर्ड-

सबसे पहले 1952 में केडी जाधव ने रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। फिर लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलिपिंक में टेनिस में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2000 के सिडनी ओलिंपिक में कर्नम मल्लेश्वरी ने वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए कांसा जीता था। इसके बाद 2004 के एथेंस ओलिंपिंक में राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शूटिंग के डबल ट्रैप में सिल्वर मेडल हासिल किया था। वह भारत की ओर से ओलिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले खिलाड़ी भी बने थे।

बिंद्रा का गोल्ड
फिर 2008 में बिंद्रा ने चीन में सोने पर निशाना साधा। उन्होंने 10मीटर राइफल शूटिंग में सोने का तमगा जीता। बिंद्रा ने 10.8 पर निशाना लगाकर सुनहरा इतिहास रचा। पेइचिंग में भारत ने दो और मेडल जीते थे। विजेंदर सिंह ने बॉक्सिंग में और सुशील कुमार ने कुश्ती में कांस्य पदक जीता था।

लेकिन बिंद्रा के गोल्ड ने भारत की एक पूरी पीढ़ी को अच्छा करने के लिए प्रेरित किया। 2012 का लंदन ओलिंपिक भारतीय खेलों के लिहाज से सबसे अच्छा रहा। इस बार भारत ने छह मेडल जीते। वहीं 2016 के रियो ओलिंपिक में पीवी सिंधु (बैडमिंटन) ने सिल्वर और साक्षी मलिक (कुश्ती) ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।

यह कहना गलत नहीं होगा कि बिंद्रा के गोल्ड मेडल ने भारतीय खेलों को कामयाबी की एक नई राह दिखाई। न सिर्फ शूटर्स बल्कि अन्य खिलाड़ियों ने भी उनसे बहुत प्रेरणा ली। भारत ने ओलिंपिक खेलों में कुल 28 मेडल जीते हैं जिसमें से 10 बिंद्रा के पदक जीतने के बाद हासिल किए हैं।