भारत ने हमेशा से ही क्रिकेट को कई बड़े नाम दिए हैं, लेकिन इन बड़े नामों की वजह से कई बार खिलाड़ियों को उनकी सफलता का श्रेय नही मिलता है, जिसके वो हकदार हैं. ऐसे में आज हम आप को कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों के बारें में बताएँगे:
1.रोजर बिन्नी
1983 का वर्ल्ड कप सिर्फ दो वजह से यादगार माना जाता है.एक तो कपिल देव की कप्तानी और दूसरा लाला अमरनाथ का प्रदर्शन, लेकिन आपको पता है कि इस वर्ल्ड कप में भारत की जीत के प्रमुख सूत्रधार रोजर बिन्नी थे. उन्होंने वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किये थे. उनके इस प्रदर्शन को कपिल देव की जादुई कप्तानी की वजह से भुला दिया गया था.
2.वीवीएस लक्ष्मण

वीवीएस लक्ष्मण हमेशा से ही भारत के सबसे अंडररेटेड बल्लेबाज़ माने जाते है. टेस्ट क्रिकेट में उनकी 281 रन की पारी को क्रिकेट की दुनिया की सबसे यादगार पारियों में से एक माना जाता है.
इसके बाद उन्हें कभी भी अपने करियर में वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने का मौका नही मिला. इसके अलावा सचिन की महानता से उनकी महानता शायद कहीं छिप सी गई.
3.राहुल द्रविड़
सचिन के बाद भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ राहुल द्रविड़ भी सचिन की महानता की वजह से कहीं छुप गए. विदेशों में अपने बेजोड़ प्रदर्शन की वजह से फैन्स के दिल्लों में राज करने वाले द्रविड़ को भी कभी भी उतना सम्मान नही मिला, जिसके वो असल रूप में हक़दार थे.
4.गौतम गंभीर
2007 टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल हो या 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल, गौती हमेशा से ही टीम के लिए संकट मोचक की भूमिका में रहें. इसके बाद जब इन दो वर्ल्ड कप की बात होती है तो लोगों के दिमाग में धोनी की कप्तानी याद आती है. धोनी की महानता की वजह से इस खिलाड़ी को भी कभी उसकी सफलता का श्रेय नही मिला.
5.मुनाफ पटेल

2011 के वर्ल्ड कप में मुनाफ पटेल भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज़ थे. पाकिस्तान के खिलाफ उनकी गेंदबाज़ी की वजह से ही भारत मैच में वापस आ पाया था. इसके बाद भी उस वर्ल्ड कप के लिए मुनाफ पटेल को याद तक नही किया जाता है.
6.हरभजन सिंह
भारत के लिए 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट और 236 वन डे इंटरनेशनल में 26 9 विकेट. हरभजन सिंह को कभी भी वो सम्मान नही मिला है,जिसके वो हकदार थे. हरभजन सिंह को 103 टेस्ट मैचों में 25 बार पारी में 5 विकेट हासिल किये है, जोकि अविश्वसनीय है.
7.चेतेश्वर पुजारा
पूरा विश्व बहस कर रहा था अगर स्टीव स्मिथ टेस्ट में बेस्ट है तो कोहली वन डे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ हैं. इसी दौरान पुजारा ने चुपचाप 2019 4 टेस्ट शतक के साथ 1140 रन बनाए. जैसे राहुल द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर की वजह से अपनी लाइमलाइटखो दी थी,ठीक उसी तरह पुजारा भी कोहली के आगे अपनी लाइमलाइट हासिल नही कर पा रहें हैं.
8. एस श्रीसंत

साउथ अफ्रीका के 2006 के दौरे के दौरान भारत की जीत हीरो श्रीसंत थे. इस दौरान उन्होंने दस विकेट हासिल किये थे. हालांकि फिक्सिंग की वजह से उन पर बैन लग गया और उनको भी उनका इस सफलता का श्रेय नही मिला.
9. आरपी सिंह

2007 के टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हर हाल में जीत हासिल करनी थी, इस मैच उन्हीने यादगार गेंदबाज़ी की थी. इसके बाद भी इस वर्ल्ड कप के बाद लोगों ने उन्हें भुलाया था.
10.जवागल श्रीनाथ

जब भी भारत के बेस्ट फ़ास्ट बॉलर की बात होती है लोग ज़हीर खान का नाम लेते हैं, लेकिन 1990 के दशक में श्रीनाथ की तुलना दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डोनाल्ड से की जाती थी.
श्रीनाथ ने भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेलते हुए 236 विकेट लिए हैं वहीं 229 वनडे मैचों में उन्होंने 315 विकेट लिए हैं. इसके अलावा भारत के जवागल श्रीनाथ ने 1999 विश्वकप में 154.5 किमी प्रति घंटा की स्पीड से अपने करियर तेज गेंद फेंकी है
The post भारत के 10 सबसे अंडररेटेड खिलाड़ी जिन्हें कभी नहीं मिला उनके शानदार प्रदर्शन का श्रेय और सम्मान appeared first on SportzWiki Hindi.