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एशियाड 2018 : इंडिया ने रोइंग मेन्स में मारी बाजी, 36 साल के इतिहास में दूसरा गोल्ड

जकार्ता: इंडिया ने 18वें एशियाई खेलों के 6वें दिन शुक्रवार को रोइंग में 3 पदक अपने नाम किये। रोइंग की क्वाड्रूपुल स्कल्स स्पर्धा में इंडिया के सवर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओमप्रकाश और सुखमीत सिंह ने 6 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर पहले पायदान पर रह कर गोल्ड जीता।

गोल्ड से पहले भारत ने इसी खेल में दो कांस्य पदक पर अपना कब्ज़ा जमाया था।

पुरुष लाइटवेट सिंगल्स में दुष्यंत ने 7 मिनट 18 सेकंड में कांस्य पदक जीता है। इसके बाद लाइटवेट डबल स्कल्स में रोहित कुमार और भगवान सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया।

इस रेस को पूरी करने में दोनों ने 7 मिनट 4 सेकंड का समय लगाया था। दुष्यंत ने एशियाई खेलों में दूसरी बार कांस्य पर अपना कब्जा जमाया है। दुष्यंत ने 2014 में इंचियोन एशियाड में भी कांस्य पदक जीता था।

इंडिया का दूसरा स्वर्ण रोइंग को एशियाई खेलों में 1982 में शामिल किया गया, लेकिन इंडिया 28 सालों के बाद पहला गोल्ड मैडल के सफल हुई। 2010 ग्वांगझू एशियाड में इंडिया के बजरंग लाल ठाकुर ने सिंगल स्कल्स में गोल्ड मैडल जीता था।

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इसके बाद से भारत अब तक रोइंग की सिंगल्स स्पर्धा में गोल्ड नहीं जीत पाया है। क्वाड्रूपुल स्कल्स स्पर्धा को 2014 इंचियोन एशियाड में शामिल किया गया था, तब इस स्पर्धा का गोल्ड मैडल चीन ने जीता था।

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