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3 साल में क्रिकेट अकादमी में एडमिशन, 4 साल में माँ का निधन, काफी दिलचस्प हैं पृथ्वी के क्रिकेटर बनने की कहानी

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए युवा ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को भारतीय टीम में चुना गया है. पृथ्वी शॉ का जीवन बहुत ही रोचक रहा है और आज हम आपकों अपने इस खास लेख में पृथ्वी के क्रिकेटर बनने की पीछे की कहानी को ही बताएंगे.

पिता के जज्बे ने बनाया पृथ्वी को क्रिकेटर 

बता दें, कि पृथ्वी शॉ का जन्म 9 नवंबर 1999 को महाराष्ट्र, ठाणे के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. पृथ्वी के पिताजी एक बिजनेसमैन थे, लेकिन वह क्रिकेट के इतने बड़े प्रेमी थे, कि उन्होंने अपने पुत्र को क्रिकेटर बनाने की ठान ली थी.

मात्र 3 साल की उम्र में ही क्रिकेट एकेडमी में कराया पृथ्वी का एडमिशन 

पृथ्वी को एक अच्छा क्रिकेटर बनाने की पिता की ऐसी जिद्द थी, कि पिता ने मात्र 3 साल की उम्र में पृथ्वी का विरार क्रिकेट अकेडमी में एडमिशन करा दिया.

पृथ्वी के लिए मुश्किल समय तब आया जब वह चार वर्ष के थे, तो उनकी माता की आकस्मिक मृत्यु हो गई, लेकिन ऐसी स्थिति में पृथ्वी के पिता ने हिम्मत नहीं हारी और पृथ्वी की पढ़ाई के साथ-साथ उसके क्रिकेट प्रैक्टिस का पूरा ध्यान दिया.

2011 में चुने गये थे पाली उमरीगर इलेवन टीम में

पृथ्वी के पिता की मेहनत तब रंग लाई थी. जब पृथ्वी को मात्र 10 साल की उम्र में ही इंटरटेंन्मेंट और इंडियन ऑइल से स्पोंसरशिप मिली. 2011 में उन्हें पाली उमरीगर इलेवन टीम में चुन लिया गया था.

इसके बाद पृथ्वी मुंबई स्थित रिजवी स्प्रिंगफील्ड हाई स्कुल में पढ़ाई करने लगे थे.

इसके बाद उन्होंने अपनी कप्तानी में रिजवी स्प्रिंगफील्ड की टीम को साल 2012 और साल 2013 में खिताब जीतवाए थे. उन्होंने सेमीफाइनल में 155 रन और फाइनल में 174 रन बनाये थे. जिससे उन्हें काफी सुर्खियाँ मिली थी.

इसके बाद पृथ्वी को एमआईजी क्रिकेट क्लब ने अपनी टीम में शामिल किया. यहां वह सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के साथ क्रिकेट की बारीकियां सिखा करते थे और यही पृथ्वी को उनके कोच राजीव पाठक मिले थे.

इंग्लैंड जाकर बना चुके है रन 

पृथ्वी इंग्लैंड में जाकर भी स्कूली क्रिकेट खेल चुके है. उन्हें इंग्लैंड के चिडल हुल्म स्कुल से दो महीने खेलने का मौका मिला था. इस दौरान उन्होंने कुल 1446 रन बना दिए थे. वह गेंदबाजी में भी वहां चमके थे और 68 विकेट उन्होंने वहां हासिल कर लिए थे.

प्रथम श्रेणी डेब्यू में ही लगाया शतक 

1 जनवरी 2017 को पृथ्वी ने अपना प्रथम श्रेणी क्रिकेट का डेब्यू किया था. उन्होंने तमिलनाडु के खिलाफ अपना रणजी डेब्यू किया था. इस मैच की दूसरी पारी में पृथ्वी ने शानदार 120 रन का शतक लगाकर अपनी टीम को 6 विकेट से जीत दिला दी थी.

उन्होंने अपना लिस्ट ए करियर का डेब्यू गुजरात के खिलाफ 25 फरवरी 2017 को किया. वही उन्होंने अपना टी-20 डेब्यू दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ किया.

2018 में दिलाया भारत को अंडर-19 विश्वकप 

पृथ्वी शॉ ने अपने कप्तानी में भारत की अंडर-19 टीम को साल 2018 का अंडर-19 विश्व कप भी जीताया. वही उन्हें इसके बाद इंडिया ए की टीम में शामिल किया गया. इंडिया ए के लिए भी उन्होंने लगातार रन बनाये.

पृथ्वी शॉ ने अपने 14 मैचों के प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 56.72 की शानदार औसत से 1418 रन बनाये हुए है. जिसमे 7 शतक शामिल है.  वही पृथ्वी ने 19 लिस्ट ए के मैचों में 34.26 की औसत के साथ 651 रन बनाये हुए है.

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