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धोनी के कप्तानी में डेब्यू करने वाले इन 3 खिलाड़ियों के वापसी के सारे रास्ते हो चुके हैं बंद, अब बची है झूठी आस

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जबरदस्त प्रतिस्पर्धा का दौर चल रहा है। इस प्रतिस्पर्धा में किसी भी खिलाड़ी के लिए जगह बनाना इतना आसान नहीं है। भारत के क्रिकेट में चल रही प्रतिस्पर्धा के कारण ही कुछ ऐसे खिलाड़ी रहे जो डेब्यू के कुछ समय बाद ही ऐसे बाहर हुए कि वापसी का मौका ही नहीं बन पा रहा है।

साल 2015-16 के बाद ये तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं बना पा रहे हैं जगह

भारतीय टीम के लिए साल 2015-16 तक भविष्य के सितारें माने जा रहे कुछ खिलाड़ी तब से जब एक बार बाहर हुए वापसी की नहीं कर पा रहे हैं। तो आज आपको हम ऐसे ही तीन प्रतिभाशाली खिलाड़ी के बारे में बताते हैं जिनके लिए भारतीय टीम के रास्ते पूरी तरह से बंद हो चुके हैं।

गुरकीरत सिंह मान

भारतीय क्रिकेट टीम में पंजाब के ऑलराउंडर खिलाड़ी गुरकीरत सिंह मान ने साल 2015 में जगह बनायी थी। गुरकीरतम सिंह मान के आईपीएल और घरेलु क्रिकेट में किए गए प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी उम्मीदें थी, लेकिन युवा खिलाड़ी इन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

गुरकीरत सिंह को भारत की टीम में अक्टूबर 2015 में शामिल जरूर किया, लेकिन जगह नहीं मिल सकी। आकिर में जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू का मौका मिला, लेकिन गुरकीरत बहुत ही फ्लॉप साबित हुए इन्होंने बल्ले से तो 13 रन बनाए तो वहीं तीन मैचों में कोई विकेट नहीं ले सके। इसके बाद से गुरकीरत की तरफ कभी चयनकर्ताओं ने नहीं देखा।

स्टुअर्ट बिन्नी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी रोजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट बिन्नी को एक समय माना जा रहा थी कि इन्होंने ऑलराउंडर की खोज पूरी कर दी। स्टुअर्ट बिन्नी इसी के दम पर तीनों ही फॉर्मेल खेल गए लेकिन इनके बल्ले या गेंद से वो प्रदर्शन नहीं निकल सका जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

स्टुअर्ट बिन्नी ने 2013 के आईपीएल में अपने प्रदर्शन से खासा प्रभावित किया जिसके बाद उन्हें 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हेमिल्टन में मौका मिला। वनडे केप के बाद बिन्नी टी-20 और टेस्ट खेलने में भी कामयाब रहे।

इसी दौरान उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 4 रन देकर 6 विकेट लेने का कारनामा किया लेकिन उसके बाद हार्दिक पंड्या के आने से स्टुअर्ट बिन्नी के लिए दरवाजे पूरी तरह से बंद हो गए।

मोहित शर्मा

एक समय पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के लिए सबसे भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में नाम हासिल करने वाले हरियाणा के मोहित शर्मा को भविष्य का गेंदबाज माना जा रहा था लेकिन साल 2015 के बाद मोहित शर्मा के लिए भारतीय टीम का रास्ता ही नहीं बन पा रहा है।

भारतीय टीम के लिए साल 2015 का विश्व कप खेलने वाले मोहित शर्मा ने भारतीय टीम के लिए  अक्टूबर 2015 के बाद से जगह नहीं बना सके हैं। 2013 में अपना डेब्यू करने वाले मोहित ने 26 वनडे मैचों में 31 विकेट हासिल किए।

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