इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया 194 रनों के लक्ष्य का पीछा नहीं कर पाई। पूरी भारतीय टीम 162 रनों पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड ने इस मैच को 31 रनों से जीत लिया।
यह पहला मौका नहीं है जब टेस्ट मैच की चौथी पारी में टीम इंडिया इतना छोटा लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई हो। इसके पहले भी ऐसे कई मौके आ चुके हैं। आईये उन्हीं पर एक नजर डालते हैं।
4. 208 बनाम दक्षिण अफ्रीका, केपटाउन, 2018

इसी साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई भारतीय टीम ने पहला टेस्ट केपटाउन में खेला था। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 286 रन बनाये। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 209 ही बना पाई, लेकिन दक्षिण अफ्रीका को दूसरी पारी में 130 पर रोकने में सफल रही।
इस तरह भारतीय टीम को जीत के लिए अंतिम पारी में 208 रनों की दरकार थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका की तर्ज गेंदबाजी के सामने पूरी टीम 135 रनों पर आउट हो गई और प्रोटियास टीम ने इस मैच को 72 रनों से जीत लिया।
3. 194 बनाम इंग्लैंड, एजबेस्टन, 2018

इंग्लैंड दौरे पर आई भारतीय टीम ने एजबेस्टन में पहला टेस्ट मैच खेला। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने 287 रन बनाये। इसके बाद विराट कोहली की जुझारू पारी की बदौलत भारतीय टीम ने 274 रन बना दिए और इंग्लिश टीम को मात्र 13 रनों की बढ़त मिली।
दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम मात्र 180 रन बना पाई और भारत को जीत के लिए 194 का लक्ष्य मिला। इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी के सामने कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं ठीक पाया और पूरी टीम 162 रनों पर ओत हो गई।
2. 176 बनाम श्रीलंका, गॉल, 2015

इस सूची में यह एकमात्र ऐसा मौका है जब टीम इंडिया को भारतीय उपमहाद्वीप में हार मिली। 2015 के श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया ने गॉल में पहला टेस्ट मैच खेला। श्रीलंका की टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन अश्विन की फिरकी के सामने पूरी टीम 183 रनों पर आउट हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने धवन और कोहली की शतकीय पारी की मदद से 375 रन बना दिए।
मैच में भारत को करीब 200 रनों की बढत मिल गई थी लेकिन दिनेश चंदिमल के शानदार शतक की बदौलत श्रीलंका की टीम ने दूसरी पारी में 367 रन बना दिए और भारत को जीत के लिए 176 रनों का आसन लक्ष्य मिला।
लक्ष्य का पिछले करने उतरी भारतीय टीम के पास रंगना हेराथ की फिरकी का कोई जवाब नहीं था और पूरी टीम 112 रनों पर आउट हो गई। इस तरह श्रीलंका ने इस मैच को 63 रनों से जीत लिया।
1. 120 बनाम वेस्टइंडीज, ब्रिजटाउन, 1997

वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली ये हार उस समय के कप्तान सचिन तेंदुलकर को आज भी याद आती है। वेस्टइंडीज टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाये थे। भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 319 रन बनाकर 21 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
दूसरी पारी में भारत के तेज गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज को सिर्फ 140 रनों पर रोक किया और टीम को जीत के लिए 120 रनों का मामूली लक्ष्य मिला। लेकिन कैरेबियन तेज गेंदबाजी के इरादे कुछ और ही थे। एम्ब्रोस, बिशप और रोज की तिकरी के सामने कोई भी भारतीय बल्लेबाज नहीं टिक पाया और पूरी टीम 81 रनों पर सिमट गई। वीवीएस लक्ष्मण को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू पाया।
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