इंटरनेट डेस्क। ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने 18वें एशियाई खेलों में इतिहास रचने में कामयाबी हासिल कर ली है। शटलर पीवी सिंधु एशियन गेम्स के बैडमिंटन महिला सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने सोमवार को सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराने में कामयाबी हासिल की और भारत को गोल्ड मेडल जीताने की उम्मीद कायम रखी है।
भारत ने एशियन गेम्स में बैडमिंटन में अब तक 8 ब्रॉन्ज मेडल ही जीते हैं। पहली बार भारत का कोई खिलाड़ी एशियन गेम्स में गोल्ड के लिए खेलेगा। इंडोनेशिया में खेले जा रहे 18वें एशियाई खेलों में भारत की इस दिग्गज शटलर खिलाड़ी का फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की ताई जू यिंग से मुकाबला होगा।
चीन के इस खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में भारत की खिलाड़ी साइना नेहवाल को सीधे सेटों में 21-17, 21-14 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। साइना नेहवाल की चुनौती सेमीफाइनल मुकाबले में 36 मिनटों में समाप्त हुई। साइना नेहवाल की हार के बाद भारतीय फैंस को निराशा का सामना करना पड़ा। लेकिन पीवी सिंधु ने फाइनल में प्रवेश कर एकबार फिर भारतीयों को खुश खबरी दी है। सिंधु को जीबीके स्टेडियम में वर्ल्ड नंबर-2 यामागुची को मात देने में काफी पसीना बहाना पड़ा। भारतीय शटलर ने 1 घंटे 6 मिनट में यामागुची को मात दी।
पीवी सिंधु भारत की ओर सेओलम्पिक खेलोंमें महिला एकल बैडमिंटन कारजत पदकजीतने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इससे पहले वे भारत की नैशनल चैम्पियन भी रह चुकी हैं। सिंधु ने नवंबर 2016 में चीन ऑपन का खिताब अपने नाम किया है। सिंधु ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किये गए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं।