नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज क्रिकेट स्टेडियम में हुए तीसरे टेस्ट मैच में ऋषभ पंत को अपना टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला था. बता दें, कि खुद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने ऋषभ पंत को उनकी डेब्यू कैप दी थी.
ऋषभ पंत के एकेडमी कोच का बड़ा बयान

ऋषभ पंत के डेब्यू को लेकर उनके एकेडमी के कोच तारिक सिन्हा ने एक बयान दिया है. बता दें, कि तारिक सिन्हा पिछले चार दशक से दिल्ली के सोनेनट क्लब में कोचिंग दे रहे है. वह 60 साल से भी ज्यादा की उम्र के हो चुके है.
वह ऋषभ पंत से पहले लगभग 11 क्रिकेटरों को भारत के लिए तैयार कर चुके है. उनकी निगरानी में मनोज प्रभाकर, आशीष नेहरा से लेकर आकाश चोपड़ा, ऋषभ पंत तक जैसे खिलाड़ियों ने प्रैक्टिस की हुई है.
पहले और अब के क्रिकेटरों में बहुत अंतर
तारिक सिन्हा ने कहा, “उन खिलाड़ियों के बीच बहुत अंतर हैं, जो 80 के दशक में मेरे पास आए थे और जो पिछले दशक में मेरे पास आ रहे हैं. 80 और 90 के दशक के खिलाड़ी बहुत ईमानदार थे. वे क्रिकेट खेलना चाहते थे, लेकिन अब आपको खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराने के लिए उन्हें प्रेरित करना होता है.
उदाहरण के लिए, मनोज प्रभाकर गाजियाबाद से ट्रेन लेते थे, मैदान पर पहुंचने के बाद वह खुद के लिए नेट और पिचों की व्यवस्था करते थे. और फिर अभ्यास करते थे.
लेकिन अब, लड़कों को पता है कि उनके पास इस तरह की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं. 80 और 90 के दशक के खिलाड़ी क्रिकेट के इतिहास के बारे में जानना चाहते थे. वह वाली हैमंड्स, और ब्रैडमैन जैसे खिलाड़ियों के बारे में सुनना पसंद करते थे. क्रिकेट के ऐतिहासिक स्थलों में जाना पसंद करते थे, लेकिन अब यह कम हो रहा है.”
ऋषभ पंत खास

सिन्हा ने ऋषभ पंत को लेकर कहा, “यह लड़का मेरे लिए बहुत खास है. अब वह एक संभावित टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में भी देखा जाता है, मुझे अच्छा लगता है, कि बदलते समय के साथ ऋषभ पंत अपने खेल को ढाल रहा है. मैं क्रिकेट के पारंपरिक तरीकों को पसंद करता हूं, लेकिन मैं यह भी जानता हूं, कि अब लड़के आईपीएल को खेलना पसंद करते है.
मैं बेहद योग्यता प्राप्त कोच नहीं हूं. मैंने अभी खेल को बारीकी से देखा है और मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे प्रभाकर, आशीष नेहरा, आकाश चोपड़ा और अब ऋषभ जैसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का मौका मिला है. ये सभी स्टार बनने के बाद मेरे पास वापस आये हैं और मुझे खुशी है, कि इन सभी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेला है.
दिल्ली के ही पूर्व क्रिकेटर व सोननेट एकेडमी के सदस्य देवेन्द्र शर्मा ने ऋषभ पंत को लेकर कहा, “मैंने भी सोननेट में अपना पूरा जीवन बिताया है. मैं जनता हूं, कि तारक सर को एक प्रतिभा की पहचान भलीभांति है.
और खिलाड़ी की असली क्षमता तक कैसे पहुंचना है यह भी उन्हें अच्छे से पता है. ऋषभ पंत पहला लड़का है, जिसे मैंने तैयार किया है और मैंने हमेशा तारक सर की बताई गई बातों से ही उसे तैयार किया है. सर को यह भी अच्छे से पता है, कि इस उम्र के युवा लड़कों की क्या जरुरत है, उन्हें किस तरह से ट्रेन्ड करना है.”
बता दें, कि भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज शिखर धवन भी सोननेट क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले चुके है. हालाँकि, उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा की होने के बावजूद और 11 क्रिकेटरों को तैयार करने के बावजूद उन्हें अबतक द्रोणाचार्य पुरस्कार नहीं मिला है.
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