भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली हालिया समय में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल हैं। सीके साथ ही कोहली मैदान पर अपनी भावनाओं को दिखाने में पीछे नहीं रहते। हर मौके पर वह अपनी सबके सामने जाहिर कर देते हैं।
मैंने हार स्वीकारना शुरू कर दिया है

विराट कोहली का रवैया कभी हार नहीं मानने वाला है। उन्हें देखकर लगता है वह हर मैच किसी न किसी कीमती पर जीतना चाहते है। हाल ही में एक मैगजीन को दिए इन्टरव्यू में कोहली ने माना कि उन्हें पहले हार स्वीकार नहीं होता था, लेकिन उन्होंने अब यह सीख लिया है। भारतीय कप्तान ने कहा
“मैंने अब हार स्वीकारना शुरू कर दिया है, लेकिन पहले मैं पागल हो जाता था।”
फैशन के बारे में की बात

कोहली के अनुसार क्रिकेट खेलना और भारत को जीत दिलाना सबसे जरूरी काम है। उनके अलावा टैटू और फैशन उनके बाद आता है। उन्होंने कहा
“लोग मुझे काफी जज करते हैं। मुझे इसका फीडबैक मिलता रहता है। लेकिन खेल टैटू नहीं देखता, वह आपकी कमिटमेंट देखता है और आप कड़ी मेहनत करते हैं जो रिजल्ट अच्छा ही होगा।”
शानदार रहा है कोहली का सफर

2008 में विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर अंडर-19 विश्वकप पर कब्जा जमाया था। उसके कुछ ही महीने बाद खिलाड़ियों की चोट की वजह से कोहली को भारतीय टीम में मौका मिला गया।
श्रीलंका में उन्होंने चमिंडा वास जैसे गेंदबाज के सामने सलामी बल्लेबाजी की। उनके बाद भी उन्हें सिर्फ किसी बड़े खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में ही टीम जगह मिलती थी।
कोहली ने मिले मौके को दोनों हाथों से पकड़ा और जल्द ही भारतीय टीम का नियमित खिलाड़ी बन गए। उन्होंने रनों का पीछा करते हुए टीम को कई यादगार जीत दिलाये।
धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी मिल गई वहीं वनडे और टी-20 में धोनी के कप्तानी छोड़ने के साथ ही कोहली तीनों ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान बन गए।
The post विराट कोहली ने कहा अब स्वीकार लेता हूँ अपनी हार पहले हारने के बाद हो जाता था पागल appeared first on SportzWiki Hindi.