कोलकाता
इंडोनेशिया में चल रहे 18वें एशियन गेम्स की हेप्टैथलॉन स्पर्धा में बुधवार को भारतीय ऐथलीट स्वप्ना बर्मन ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। एशियन खेलों में इस प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली वह पहली भारतीय हैं। इतना ही नहीं इस ऐथलीट ने दर्द झेलते हुए गोल्ड मेडल को अपने नाम किया। स्वप्ना की कोच की मानें, तो स्वप्ना की इस कामयाबी का श्रेय साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान राहुल द्रविड़ को जाता है। अगर इन्होंने चुनौतियों से जूझ रही स्वप्ना की मदद नहीं की होती तो उनका सपना अधूरा होता।
स्वप्ना के कोच सुभाष सरकार ने कहा, 'गो स्पोर्ट्स की वजह से स्वप्ना आज इस मुकाम पर पहुंची हैं। राहुल द्रविड़ गो स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं और यह संस्था ओलिंपिक और पैरालिंपिक के लिए तैयारी कर रहे खिलाड़ियों की मदद करती है। यहां राहुल द्रविड़ भी उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को उनकी फिटनेस और खेल से जुड़े जरूरी टिप्स देते हैं।'
सुभाष सरकार ने बताया कि स्वप्ना के दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां हैं। इस वजह से उन्हें सामान्य जूते पहनने में काफी दिक्कत होती है, मगर वह एशियन गेम्स में सामान्य जूते पहनकर ही उतरीं। स्वप्ना को पैरों की समस्या के कारण कुछ परेशानी भी थी। गो स्पोर्ट्स की मदद से मुंबई में उनका इलाज सुनिश्चित हो पाया था।