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क्या होती है स्विंग गेंदबाजी, कैसे कराते है हवा में गेंद को स्विंग और क्या होते है इसके फायदे

किसी भी विकेट पर बल्लेबाजों के लिए गेंद का स्विंग होना किसी खतरें से कम नहीं होता है. स्विंग गेंदबाजी के आगे दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज घुटने टेकते हुए नजर आते है.

क्रिकेट की दुनिया का चाहे कितना भी बड़ा बल्लेबाज हो, वह परेशानी में जरुर आ जाता है. सचिन, पोंटिंग, लारा जैसे खिलाड़ी स्विंग गेंदबाजी के आगे नतमस्तक नजर आते थे. आज स्विंग गेंदबाजी के बारे में ही हम आपकों पूरी जानकारी देंगे.

क्या होती है स्विंग गेंदबाजी ? 

जब किसी तेज गेंदबाज की गेंद विकेट पर पड़ने के बाद मूव करे (या दिशा बदले) तो उस गेंद को  स्विंग गेंदबाजी कहा जाता है. गेंदबाज विकेट के दोनों तरफ गेंद को स्विंग करा सकता है. वही कुछ गेंदबाजो के पास ऐसी कला होती है. जो गेंद को हवा मे ही स्विंग करा देते है. उनकी गेंद हाथ से निकलने के बाद लहराती हुई जाती है.

कैसे कराई जाती है स्विंग गेंद ?

किसी भी गेंदबाज को बॉल को स्विंग कराने के लिए अच्छी तरीके से बॉल को उंगलियों में बिठाना और रिलीज करना आना चाहिए. बॉल को स्विंग कराने के लिए आपकों लाइन लेंथ का भी विशेष ध्यान रखना होता है. अन्यथा आपकी गेंद स्विंग नहीं होगी. किसी भी स्विंग गेंदबाज के लिए जरुरी होता है, कि वह बॉल की सिलाई को देख गेंद करे.

अगर उसे आउटस्विंग करानी है, तो उसे अपनी तर्जनी उंगली से गेंद को जोर देकर गेंद करानी होगी. वह आउटस्विंग कराने के लिए गेंदबाज को अपनी मध्यमा उंगुली पर जोर डालकर गेंद करानी होती है.

आपकों बता दें, कि अधिकतर फुल लेंथ पर फेकी गेंद ही ज्यादा स्विंग करती है. हालाँकि, कुछ गेंदबाजों के पास ऐसी कला होती है. जो गुड लेंथ से भी बॉल को अच्छी तरह स्विंग करा लेते है.

कितने प्रकार की होती है स्विंग गेंदबाजी ? 

स्विंग गेंदबाजी के तीन प्रकार है. जो इनस्विंग, आउटस्विंग और रिवर्सस्विंग है. आउटस्विंग कराने के लिए बॉल विकेट पर टप्पा खाने के बाद मिडिल स्टंप से बाहर की ओर राईट हैंड बल्लेबाज के लिए निकलती है. बल्लेबाज के लिए बाहर जाती हुई गेंदों को ही आउटस्विंग कहा जाता है.

वही इन स्विंग गेंद भी लेफ्ट हैंड बल्लेबाज के लिए मिडिल स्टंप से बाहर टप्पा खाने के बाद एकदम विकेट के अंदर बॉडी लाइन में आती है.  बल्लेबाज के लिए अंदर आती हुई गेंदों को ही आउटस्विंग कहा जाता है.

जब तक गेंद नई होती है तो वह इनस्विंग, आउटस्विंग होती है, लेकिन जब गेंद पुरानी होती है, तो तेज गेंदबाज के लिए स्विंग करना मुश्किल हो जाता है.

आपकों बता दें, किस्विंग का तीसरा प्रकार रिवर्स स्विंग 20-30 ओवर पुरानी गेंद से कराई जाती है. जैसा कि इस गेंद का नाम है उसी अनुसार गेंदबाज इन स्विंग के एक्शन से आउट स्विंग कराते है और आउट स्विंग के एक्शन से इन स्विंग, ऐसे में बल्लेबाज इस गेंद को भाप नहीं पाता है.

रिवर्स स्विंग कराने के लिए गेंद की सिलाई के एक हिस्से को लगातार चमकाते रहना होता है. वही दुसरे हिस्से को खुरदुरा बनाते रहना होता है. इस तरह गेंदबाज अपनी कला से फिर रिवर्स स्विंग करा सकता है.

किस देश की विकेट पर होती है सबसे अच्छी स्विंग ?

यह बात तो क्रिकेट देखने वाला हर शख्स जानता है, कि सबसे अच्छी स्विंग गेंदबाजी इंग्लैंड की धरती पर ही होती है. इंग्लैंड की धरती में सबसे ज्यादा गेंद स्विंग करती है और इंग्लैंड में ड्यूक बॉल से मैच होता है, इसलिए गेंदबाज और ज्यादा बॉल को स्विंग करा पाते है, क्योंकि सफ़ेद ड्यूक गेंद को स्विंग के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. हरी घास की पिचों पर गेंदबाज को स्विंग मिलना एक बहुत आम बात होती है.

वर्तमान में जेम्स एंडरसन को दुनिया का सबसे अच्छा स्विंग गेंदबाज माना जाता है. वही भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद आमिर, ट्रेंट बोल्ट और मिचेल स्टार्क जैसे गेंदबाज भी काफी अच्छी तरह से गेंद को स्विंग कराते है. वसीम अकरम को स्विंग का सुल्तान कहा जाता है.

 

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