स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच ट्रेंटब्रिज स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस सीरीज में पहली बार भारतीय बल्लेबाजों ने अपने नाम के हिसाब से प्रदर्शन करके दिखाया है। इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया और इस मैच की पहली पारी में भारतीय टीम ने अच्छा स्कोर खड़ा करने में सफल हुआ है। इस सीरीज में पहली बार भारतीय टीम की सलामी जोड़ी ने 50 रन से ज्यादा की साझेदारी करके टीम को थोड़ी अच्छी शुरूआत देने का काम किया है।
लेकिन भारतीय टीम कप्तान विराट कोहली (97) और उपकप्तान अजिक्या रहाणे (81) ने चौथे विकेट के लिए 159 रन की शानदार साझेदारी करके टीम को इस मैच में में बहुत आगे लाकर खड़ा करने काम किया है। इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर कई प्रकार की सवाल खड़े शुरू होने लग गए थे। लेकिन तीसरे मैच में सभी बल्लेबााजों ने थोड़ी अच्छी बल्लेबाजी करके आलोचकों को अपने बल्ले से जवाब दे दिया है। इस सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने स्वीकार किया कि इस सीरीज में रन नहीं बनने पर उन पर बहुत ज्यादा दबाव बन गया था। कल के मैच में पहली बार पुजारा ने 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया है लेकिन दूसरी पारी में कप्तान के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की है। पुजारा ने बताया की काउंटी में मैने ज्यादा रन नहीं बनाये लेकिन मैं कठिन पिचों पर खेल रहा था।
मेरा आत्मविश्वास कभी कम नहीं हुआ लेकिन रन नहीं बनने पर उन पर दबाव आ गया था। जब कोई बल्लेबाज रन नहीं बनाता है तो उस पर दबाव आने लग जाता है। अगर आप रन नहीं बना रहे है और टीम जीत जाती है तो आप पर ज्यादा दबाव नहीं रहता है लेकिन अगर आप रन नहीं बनाते और टीम लगतार मैच हारती है तो आप पर दबाव ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन दूसरी पारी में मेरे बल्ले से रन बनने के बाद दबाव कम हुआ है। भारती दूसरी पारी में सात विकेट पर 352 रन पर घोषित कर इंग्लैंड को जीत के लिए 521 रन लक्ष्य दिया है।
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