स्पोर्ट्स डेस्क। देश के जाने माने खिलाड़ी और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रहें अजीत वाडेकर का लंबी बीमारी के चलते कल निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह काफी समय से बीमार चल रहें थे साथ ही कुछ दिनों से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। अजीत वाडेकर अभी 77 वर्ष के थे। साथ ही कहा जाता है कि वह एक ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज में भारत को पहली जीत दिलायी थी। साथ ही वह कुछ समय के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहें थे। उनके निधन की खबर से क्रिकेट जगत के खिलाड़ी और उनको पसंद करने वालों को सदमा लगा है। बताया जा रहा है कि कल वाडेकर ने दक्षिण मुंबई के जसलोक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाडेकर के निधन पर शोक जताया है उनका कहना है कि वाडेकर एक महान बल्लेबाज, और शानदार कप्तान थे साथ ही मोदी ने कहा कि वाडेकर काफी प्रभावी क्रिकेट प्रशासक थे। मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि, “अजित वाडेकर को भारतीय क्रिकेट में उनके महान योगदान के लिए याद किया जाएगा। महान बल्लेबाज और शानदार कप्तान जिन्होंने हमारी टीम को क्रिकेट के इतिहास की कुछ सबसे यादगार जीत दिलाई। वह प्रभावी क्रिकेट प्रशासक भी थे। उनके जाने का दुख है।” बताया जा रहा है कि वाडेकर के परिवार में उनकी पत्नी रेखा के अलावा दो बेटे और एक बेटी है। भारतीय क्रिकेट जगत में वाडेकर की गिनती भारत के सफल कप्तानों में होती है। साथ ही वह बाएं हाथ के एक सफल बल्लेबाज और कुशल फील्डर थे। साथ ही उन्होंने भारतीय टीम ने साथ अपने अन्तरराष्ट्रीय करियर में आठ वर्ष का योगदान रहा है।
साथ ही बताया जाता है कि वाडेकर भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम के पहले कप्तान थे। साथ ही वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के एकमात्र ऐसे कप्तान थे, जिन्होंने लगातार तीन सीरीज में टीम को जीत दिलायी। इनमें इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की धरती पर भारत की जीत शामिल है। साथ ही बाद में भारतीय टीम के मैनेजर भी रहे थे। और इसके साथ वह कई दिनों तक भारतीय टीम चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे।
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