खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से मिली आजीवन प्रतिबंध की सजा के खिलाफ तेज गेंदबाज एस श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उच्चतम न्यायालय ने अब इस भारतीय तेज गेंदबाजी की याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है।
Asian Games: स्वर्ण से चूकने के बाद भी सिंधु ने बना दिया ये रिकॉर्ड, नहीं तोड़ सकी फाइनल में हार का मिथक
उच्चतम न्यायालय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में विवादित क्रिकेटर एस श्रीसंत द्वारा दायर की गई याचिका पर आठ हफ्ते बाद सुनवाई करेगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले में 2013 में एस श्रीसंत पर क्रिकेट खेलने के लिए आजीवन प्रतिबंध लगाया था। हालांकि 2015 में निचली अदालत ने एस श्रीसंत को इस मामले में आरोप मुक्त कर दिया था। बाद में इसके दो साल बाद केरल उच्च न्यायालय ने भारतीय तेज गेंदबाज पर लगे प्रतिबंध को बहाल कर दिया।
वनडे में इन भारतीय बल्लेबाजों ने लगाए सबसे ज्यादा अर्धशतक, चौंक जाओंगे तीसरा नाम जानकर
पहले टी-20 विश्व कप की भारतीय टीम में शामिल हरे श्रीसंत ने अब केरल उच्च न्यायालय के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर एवं डी वाई चंद्रचूड़ ने इस मामले को आठ सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
भारतीय तेज गेंदबाज श्रीसंत ने पूर्व में कोर्ट से कहा था कि आजीवन क्रिकेट खेलने पर लगाया गया प्रतिबंध कड़ी सजा है और पांच साल से क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं जोकि पर्याप्त सजा है।
यूएस ओपन:, खिताबी जीत के लिए संघर्ष करेंगे टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी
गौरतलब है कि बीसीसीआई ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में साल 2013 में श्रीसंत, चव्हाण और चंदीला पर प्रतिबंध लगाया था। श्रीसंत भारतीय टीम की ओर से 27 टेस्ट, 53 वनडे और दस टी-20 मैच खेल चुके हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 87, एकदिवसीय क्रिकेट में 75 और टी-20 क्रिकेट में सात विकेट हासिल किए हैं।