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इतिहास बनाने से चूकीं सिंधु, कैरोलिना मारिन ने हराया

नानजिंग (चीन)
वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला एकल के खिताबी मुकाबले में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु को अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी स्पेन की कैरोलिना मारिन से एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ सिंधु को इस प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। सिंधु मारिन के हाथों सीधे गेमों में महज 46 मिनट में 19-21, 10-21 से हार गईं।

पहले गेम में मुकाबला भले बराबरी पर दिख रहा था, लेकिन दूसरे गेम में मारिन ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए यह मैच और वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब दोनों अपने नाम कर लिए। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह 12वां मुकाबला था और मारिन ने इसमें रेकॉर्ड 7वीं बार जीत दर्ज की है।

अब तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम नहीं कर पाया है और सिंधु लगातार दूसरी बार इस मिथक को तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाईं। खेल शुरू होते ही पहले गेम में कैरोलिना मारिन ने पहले 2 पॉइंट अपने नाम किए। इसके बाद सिंधु ने अपना पहला अंक हासिल किया और लगातार 4 अंक लेकर पहले गेम में अपनी बढ़त को 4-2 कर दिया।

इसके बाद दोनों खिलाड़ी एक के बाद एक अंक अपने-अपने खाते में जोड़ रही थीं और सिंधु लगातार बढ़त बनाए हुए थीं। लेकिन कैरोलिना ने पॉइंट्स का अंतर बढ़ने नहीं दिया। सिंधु ने अपना 11वां पॉइंट हासिल किया तो, कैरोलिना ने इसे चैंलेंज कर दिया। हालांकि टीवी कैमरा में उनका यह चैलेंज खारिज हो गया और सिंधु को अंक मिल गया।

इस तरह सिंधु ने 11-8 की बढ़त बना ली। एक समय सिंधु ने अपनी बढ़त को 12-8 तक पहुंचा दिया था, लेकिन यहां से मारिन ने वापसी की और 15-15 पर स्कोर की बराबरी कर ली। इसके बाद दोनों खिलाड़ी अगले कुछ अंकों तक एक-दूसरे के साथ कभी आगे कभी बराबर करती रहीं और अंत में सिंधु 19-21 से पहला गेम हार गईं।

दूसरे गेम में मारिन ने खेल में अपनी आक्रमता का स्तर और बढ़ा दिया और स्कोर 0-5 कर दिया। इसके बाद इस गेम में सिंधु ने अपना खाता जरूर खोला लेकिन उनके हक में कुछ भी जाता नहीं दिख रहा था। इस गेम में सिंधु मारिन से 1-7 से पिछड़ चुकी थीं और फिर पॉइंट्स की तलाश में उन्होंने एक मौके पर चैलेंज भी लिया।

लेकिन टीवी कैमरे में साफ हो गया कि शटल लाइन के बाहर गिरी है और वह 2-9 से पिछड़ गईं। इस गेम में सिंधु जब 1 अंक लेती थीं, तब तक मारिन 4 अंक जुटा लेती थीं। 4-19 के स्कोर पर उन्होंने अपना दूसरा चैलेंज लिया, जो एक बार फिर बेकार गया और इस तरह सिंधू के दोनों चैलेंज खत्म हो गए। खेल के दूसरे गेम में मारिन पूरी तरह हावी थीं और सिंधु 4-17 से पिछड़ चुकी थीं।