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दुनिया को सिखाते हैं कबड्डी, एशियाड में क्यों रहे फिसड्डी

दिल्ली
गुरुवार को ईरान के हाथों पिटकर भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में अपनी बादशाहत गंवा दी थी। शुक्रवार को जब महिला कबड्डी के फाइनल में भारत का सामना ईरान से हुआ तो पुरुष टीम इस उम्मीद के साथ जकार्ता के थिएटर गरुड़ा स्टेडियम में पहुंची कि शायद आज उनके घाव भर जाएंगे। ऐसा कुछ नहीं हुआ। 
 
ईरान की महिलाएं अव्वल साबित हुईं और गैलरी में बैठे पुरुष टीम के कैप्टन अजय ठाकुर की आंखों से आंसू छलक गए। कबड्डी में भारत का गोल्डन रन पूरी तरह थम गया। कबड्डी के दिग्गजों को मानना है कि भारतीय कबड्डी में आई यह कयामत एक सबक भी है और 'रेड अलर्ट' भी। भारत को अब कबड्डी में ज्यादा मेहनत करनी होगी। 

टीम कॉम्बिनेशन: भारतीय टीम के सिलेक्शन पर शुरू से ही सवाल रहे। इसके खिलाफ कोर्ट केस भी हुआ। टीम में 12 में से 9 ऐसे प्लेयर्स शामिल किए गए जो रेडर या ऑलराउंडर थे। डिफेंडर्स की संख्या कम होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। कोर्ट ने कहा है कि एशियन गेम्स से वापसी के बाद खिलाड़ियों के ट्रायल फिर से हों। 

 ईरान का दमखम: ईरान ने 2006 एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हुए चौथा स्थान हासिल किया और फिर 2010 और 2014 में उप विजेता रहे। दो बार के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट अनूप कुमार कहते हैं, 'ऐसा नहीं कि ईरान की टीम अचानक से मजबूत हो गई है। उनके खिलाड़ी पहले भी तगड़े थे, अब वह तकनीक में बेहतर हुए हैं।' 

अति आत्मविश्वास: दोहा एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले राजीव कुमार सिंह पुरुष टीम की हार की वजह अति आत्मविश्वास बताते हैं। राजीव के मुताबिक, 'ईरान ने हमारी आक्रामकता का फायदा ठंडे दिमाग से उठाया।' महिला टीम की कोच रह चुकीं चांदनी कुमारी ने कहा, 'रणनीति के स्तर पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत थी।’ 

 
प्रो-कबड्डी लीग: लीग की वजह से बाहरी खिलाड़ी ज्यादा सीख रहे हैं। ईरान के खिलाड़ियों पर ऊंची बोली लग रही है। हालांकि, अनूप इस बात से सहमत नहीं कि बाहरी खिलाड़ियों के आने से भारतीय टीम को नुकसान हो रहा है। अनूप के मुताबिक, 'अगर वह हमसे कुछ सीख रहे हैं तो हम भी तो उनसे कुछ हासिल कर सकते हैं।' 

 
भारतीय कोच की मदद: भारतीय पुरुष टीम ईरान से पहले साउथ कोरिया से हारी थी। संयोग से कोरियन कोच भारतीय हैं। उसी तरह ईरान की महिला टीम की कोच भारत की शैलजा जैन हैं। इन प्रशिक्षकों की वजह से दमखम वाले ईरानी और कोरियाई खिलाड़ियों को स्किल्स सीखने में मदद मिली। 

प्रो-कबड्डी नहीं है हार की वजह
प्रो कबड्डी लीग के कमिश्नर अनुपम गोस्वामी ने भारत की चौंकाने वाली हार के बाद कहा, 'ऐसा कहना सही नहीं है कि प्रो-कबड्डी लीग की वजह से ईरान को लाभ हुआ। ईरान पिछले कई बड़े मुकाबलों में भारत को कड़ी टक्कर दे चुका है।'