विराट कोहली की कप्तानी के बाद से टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस में काफी ज्यादा सुधार आया है. वही कुछ खिलाड़ी इस वजह से टीम से भी बाहर हो गए है. आज हम ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताएँगे, जो फिटनेस की वजह से टीम से बाहर हो गए है:
युवराज सिंह

2011 विश्व कप में ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे युवराज सिंह ने अपने खेल जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. क्रिकेट में गेंद के सबसे ताकतवर स्ट्राइकर युवराज सिंह ने कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से जूझते हुए टीम इंडिया की विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी, हालांकि कैंसर से जंग जीतने के बाद वह अपनी फिटनेस कायम नहीं रख सके, श्रीलंका दौरे से पहले हुए यो-यो टेस्ट में वह अपनी खराब फिटनेस की वजह से फेल हो गए जिस वजह से उन्हें टीम इंडिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
सुरेश रैना

युवराज की तरह रैना भी कभी टीम टीम इंडिया की जान हुआ करते थे. लेकिन2017 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे श्रृंखला से पहले सुरेश रैना यो-यो टेस्ट में अपनी फिटनेस साबित करने में नाकाम रहे थे, जिसके बाद उन्हें टीम से हटा दिया गया था.
पिछले कुछ वर्षों से चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार खिलाड़ी ने भारत के दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले कड़ी मेहनत की और यो-यो टेस्ट में पास होकर टीम में जगह बनाई थी.
अमित मिश्रा

अनिल कुंबले के बाद अमित मिश्रा अचानक से सभी निगाहों में आए थे. एक लेग स्पिनर होने की वजह से लोग उनसे भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन बढती उम्र और ख़राब फिटनेस की वजह से वो टीम से बाहर हो गए थे.
वीरेंद्र सहवाग

2013 के बाद सहवाग अपने वजन और ख़राब फिटनेस की वजह से आलोचकों के निशाने पर आ गए थे. इस वजह से धोनी ने उन्हें टीम से ड्राप कर दिया था. इस दौरान उन्होंने कई बार सहवाग की फ़ील्डिंग को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद सहवाग टीम से बाहर हो गए और कभी भी टीम में जगह नही बना सके.
राहुल द्रविड़

2008 के दौरान राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ दी थी. इस दौरान धोनी ने उनकी जगह वन डे क्रिकेट की भी कप्तानी हाथ में ले ली थी. इसके बाद उन्होंने फिटनेस की वजह से राहुल द्रविड़ को वन डे टीम से बाहर कर दिया था. जिसके बाद वो टीम में जगह नही बना सके थे.
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